बरेली। ख्वाजा गरीब नवाज हजरत मोइनउद्दीन चिश्ती के कुल शरीफ के मौके पर बरेली में भी ख्वाजा का जश्न मनाते हुए कुल शरीफ की रस्म अदा की गई। जगह-जगह लंगर भी हुए।
दरगाह आला हजरत: ख्वाजा मोइनउद्दीन चिश्ती के उर्स के सिलसिले में दरगाह आला हजरत पर कुल शरीफ की महफिल सजाई गई। तिलावते कुरान और नातो मनकबत के बाद तकरीर हुई। इसमें उलमा ने गरीब नवाज की जिंदगी पर रोशनी डाली। इसके बाद कुल की रस्म अदा की गई। दरगाह आला हजरत के प्रमुख मौलाना सुब्हान रजा खां (सुब्हानी मियां) की सरपरस्ती में यह महफिल मुकम्मल हुई। सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन रजा खां कादरी ने सदारत करते हुए मुल्क में अमन और इत्तेहाद के लिए दुआ की।
दरगाह ताजुश्शरीया: उर्से ख्वाजा गरीब नवाज खानकाहे ताजुश्शरीया में मनाया गया। यहां शहजादे ताजुश्शरीया एवं शहर काजी मुफ्ती असजद रजा खां कादरी की सरपरस्ती में कुल शरीफ की रस्म अदा की गई। इससे पहले सुबह कुरान ख्वानी के बाद नातो मनकबत का नजराना पेश किया गया। आखिर में मुल्क व अवाम की सलामती के लिए दुआ की गई। इस दौरान जमात रजा मुस्तफा के उपाध्यक्ष सलमान हसन खां, मोईन खान, मुफ्ती शकील, मुफ्ती शहजाद आलम, मुफ्ती शकील रामपुरी, मौलाना आबिद नूरी आदि मौजूद रहे।
खानकाह नियाजिया: सुल्तानुल हिंद ख्वाजा गरीब नवाज अजमेरी के रूहानी जानशीन कुतुबे आलम मौलाना शाह नियाज अहमद की दरगाह खानकाह नियाजिया में ख्वाजा मोइनउद्दीन चिश्ती के कुल शरीफ की रस्म अदा की गई। इससे पूर्व मौलाना कासिम नियाजी ने गरीब नवाज की हयाते मुबारक पर तफसील से रोशनी डाली। शायरों ने नातो मनकबत पेश की। प्रबंधक शब्बू मियां की सदारत में हुए कुल के बाद असकरी मियां ने दुआ की। इसमें तमाम खानवादे सहित हर मजहबो मिल्लत के लोग शामिल रहे।
यहां भी हुए कार्यक्रम
बरेली। हजरत शाहदाना वली की दरगाह पर मुतवल्ली अब्दुल वाजिद खां बब्बू भाई की सदारत में ख्वाजा गरीब नवाज का कुल मनाया गया। इसी तरह दरगाह तहसीनी पर भी रुहानी महफिल सजाई गई। यहां नातो मनकबत के बाद ख्वाजा गरीब नवाज के कुल की रस्म अदा की गई। दुआ मौलाना खुर्शीद मुस्तफा ने किया। फूटा दरवाजा स्थित गौस पाक के झंडे शरीफ पर जश्ने ख्वाजा मनाया गया। बीती रात कव्वाली की महफिल सजी और सुबह में कुल शरीफ की रस्म अदा की गई। सदारत एम हसीन हाशमी की रही। सचिव मुजाहिद इस्लाम व समाज सेवी नदीम शमसी ने आभार व्यक्त किया। रजा एक्शन कमेटी के ख्वाजा कुतुब स्थित कार्यालय पर भी ख्वाजा का जश्न मनाया गया। कुल की रस्म नबीरे आला हजरत मौलाना अफरोज रजा कादरी की सरपरस्ती में अदा की गई। सदारत कमेटी के नायब सदर मौलाना अदनान रजा कादरी ने की। इस दौरान तमाम उलमा ने ख्वाजा गरीब नवाज की शान में तकरीर की।