बरेली। पहाड़ों की बर्फीली हवा ने मैदानी इलाकों में ठंड बढ़ा दी है। दिन में धूप खिलने के बावजूद रात में शीतलहर से सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। बरेली और आसपास इलाकों में न्यूनतम तापमान 1.5 डिग्री सेल्सियस नीचे लुढ़क गया। बृहस्पतिवार को बरेली में पारा गिरकर 3.4 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। पिछले तीन दशक में दिसंबर में यह सबसे कम तापमान है। मौसम विभाग ने आगामी तीन दिन तक मध्यम और घना कोहरा पड़ने और शीतलहर बढ़ने की भविष्यवाणी की है।
बरेली में बुधवार को न्यूनतम तापमान 4.9 डिग्री सेल्सियस था जो बृहस्पतिवार को गिरकर 3.4 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। अधिकतम तापमान एक दिन पहले 19.6 डिग्री सेल्सियस था जो 24 घंटे में 0.7 डिग्री कम हो गया। मौसम में नमी लगातार बनी हुई है। हालांकि रात में मध्यम और कहीं-कहीं घने कोहरे के बावजूद दिन में धूप खिल रही है, लेकिन उत्तर पश्चिमी चलने वाली बर्फीली हवाओं से शीतलहर का प्रकोप बढ़ रहा है।
मौसम विभाग ने आगामी तीन दिन यानी 28 से 31 दिसंबर तक न्यूनतम तापमान में और गिरावट आने के अलावा मध्यम और घना कोहरा पड़ने की भविष्यवाणी की है। रात में न्यूनतम तापमान में गिरावट आने से शीतलहर का प्रकोप और बढ़ेगा। मौसम वैज्ञानिक डा. एचएस कुशवाहा ने बताया कि पहाड़ों पर जमी बर्फ दिन में धूप निकलने से पिघल रही है। उसमें उत्तर-पश्चिम से चलने वाली हवाएं शीतलहर में तब्दील होकर मैदानी इलाकों में कहर बरपा रही हैं। आगामी तीन दिन तक मध्यम घना कोहरा और शीतलहर बरकरार रहेगी। सुबह को देर से धूप निकलेगी और शाम को कोहरा पड़ने से सूर्य जल्दी अस्त दिखेंगे।
सर्दी का प्रकोप बढ़ने से रात में सड़कों पर वाहनों के आवागमन में कमी आई है।