दातागंज (बदायूं)। नगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती एक मानसिक मंदित महिला की नवजात बच्ची को चुराने की कोशिश की गई। महिला की सोमवार रात डिलीवरी हुई थी। बुधवार सुबह चार लोग बच्ची को ले जा रहे थे, तभी स्वास्थ्य केंद्र के स्टाफ को पता चल गया। पूछताछ पर चारों बच्ची को छोड़कर भाग गए। इसके बाद पुलिस ने बच्ची और उसकी मां को नारी निकेतन बरेली भेज दिया। सीएमओ डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि मामला गंभीर है, जांच के लिए कमेटी बनाई जा रही है। गुरुवार को वह स्वयं स्वास्थ्य केंद्र जाएंगे।
मानसिक मंदित महिला मीना पटना के पिपरऊ थाना क्षेत्र के ग्राम वजरपुर निवासी है। वह अपनी तीन वर्षीय बेटी के साथ करीब तीन माह पूर्व दातागंज कस्बे में बरेली बाईपास आई थी। तभी से वह सड़क किनारे ऐसे ही खुले आसमान के नीचे पड़ी रहती थी। आसपास के होटल वाले उसे खाना दे देते थे। वह गर्भवती थी। सोमवार देर शाम लोगों ने उसे प्रसव पीड़ा से कराहते देखा था। इस पर यूपी-100 ने उसे नगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती करा दिया। उसी रात दो बजे महिला ने एक बच्ची को जन्म दिया। देर रात तक बच्ची महिला के पास रही। बताते हैं कि बुधवार सुबह बच्ची बेड से लापता हो गई। सूत्रों का कहना है उस वक्त गेट पर खड़े एक कर्मचारी ने स्वास्थ्य केंद्र के दो कर्मचारियों और दो बाहरी लोगों को बच्ची को ले जाते हुए देखा, जिसका उसने विरोध किया, बच्ची को नहीं ले जाने दिया। इससे स्वास्थ्य केंद्र में हंगामा हो गया। सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंच गई लेकिन तब तक बच्ची ले जाने आए लोग मौके से भाग गए। बाद में पुलिस ने जच्चा-बच्चा को अपनी सुरक्षा में लेते हुए दोपहर में नारी निकेतन भेज दिया। उनके साथ तीन वर्षीय बच्ची को भी भेज दिया गया है। इस मामले में अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। चर्चा है कि बच्ची को चुराने से पूर्व उसे बेचे जाने का सौदा भी कर लिया गया था।
यह मामला काफी गंभीर है। मैं इसकी जांच के लिए एक कमेटी गठित कर रहा हूं। पूरे मामले की जांच कराऊंगा। फिर जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। गुरुवार को मैं खुद दातागंज स्वास्थ्य केंद्र जाऊंगा और इसकी जानकारी लूंगा।
- डॉ. राजेंद्र प्रसाद, सीएमओ
अगर ऐसा मामला है तो मैं तुरंत इसकी जांच कराता हूं। उसके बाद जो भी जांच रिपोर्ट आएगी, उसी के अनुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
- अशोक कुमार त्रिपाठी, एसएसपी