न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
Updated Mon, 22 Oct 2018 11:43 PM IST
डाउन लाइन पर ब्लॉक से ट्रेनों की लेटलतीफी का सिलसिला जारी रहा। जंक्शन से त्रिवेणी एक्सप्रेस 2:50 मिनट पर रवाना हुई जबकि रेलवे ने त्रिवेणी के चलने का समय 2:40 बजे निर्धारित किया था। 10 मिनट तक ट्रेन नहीं चली तो यात्रियों ने हंगामा किया। इस दौरान ओएचई लाइन के तारों को कसा गया और जर्जर पटरियां बदली गईं।
सोमवार सुबह राज्यरानी एक्सप्रेस 9:12 बजे जंक्शन से रवाना हुई। इसके बाद डाउन लाइन पर ट्रेनों का संचालन रोक दिया गया। सियालदह एक्सप्रेस 23 अक्तूबर से कैंसल कर दी गई, जबकि गुवाहाटी एक्सप्रेस पांच घंटे, हिमगिरि और काशी विश्वनाथ दो घंटे तथा श्रमजीवी एक्सप्रेस एक घंटा देरी से जंक्शन पहुंची। रेलवे की सबसे ज्यादा फजीहत त्रिवेणी एक्सप्रेस के समय पर न चलने को लेकर हुई। इंजीनियरिंग अनुभाग ने त्रिवेणी के चलने का समय 2:40 बजे निर्धारित किया था, लेकिन समय गुजरने के बाद भी ट्रेन नहीं चली तो यात्रियों का धैर्य जवाब दे गया। उन्होंने स्टेशन मास्टर ऑफिस में जमकर हंगामा किया। तब कहीं 2:50 बजे ट्रेन को रवाना किया गया। बिलपुर स्टेशन से आगे हुलास नगरा रेलवे क्रासिंग पर पत्थरों के नीचे पैकिंग लगाने और ओएचई लाइनों को कसा गया। इस दौरान गरीब रथ एक्सप्रेस आदि ट्रेनें भी देरी से जंक्शन पहुंची।