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दौड़ने से पहले जंक खा गए जंक्शन के एस्केलेटर

Updated Sat, 31 Mar 2018 11:10 PM IST
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बरेली।
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जिस एस्केलेटर को जंक्शन पर फिटिंग कर 31 मार्च तक चालू करने के आदेश के साथ भेजा गया था, वे जंक्शन पर डेढ़ साल से खुले में पड़े-पड़े कबाड़ हो गए। अब तो इन एस्केलेटर के बीच ही रेलवे अधिकारियों ने रेत-बजरी के ढेर भी डलवा दिए हैं, जिससे उनकी और ज्यादा दुर्दशा हो गई है। इनमें से कुछ मशीनें पैकिंग में प्लेटफार्म एक पर पड़ी हैं, कुछ निर्माणाधीन वेटिंग हाल के खुली डाल दी गई हैं। रेत-बजरी के ढेरों के बीच पड़ी मशीनों में जंक लग चुकी है, यही नहीं यात्रियों ने भी कूड़ेदान बना दिया है।
रेलवे ने दो साल पहले महिला, दिव्यांग और बुजुर्ग यात्रियों को सुविधा देने के लिए प्लेटफार्म दो, तीन और चार पर जाने के लिए एस्केलेटर लगाने का आदेश दिया था। डेढ़ साल पहले एस्केलेटर उनका बाकी साजोसामान भी जंक्शन पहुंच गया, लेकिन रेलवे ने जिस ठेकेदार को एस्केलेटर लगाने का ठेका दिया था, उसे एस्केलेटर लगाने का समय ही नहीं मिला। रेलवे के सूत्रों का कहना है कि जंक्शन मल्टीपरपज हॉल के पास ठेकेदार लेबर ने एस्केलेटर की पैकिंग खोल दी। मगर इसके अगले ही दिन पहले देहरादून स्टेशन पर एस्केलेटर लगाने के आदेश आ गए जिसके बाद यहां से सारी लेबर देहरादून चली गई। उसके बाद आज तक बरेली जंक्शन पर एस्केलेटर लगवाने का नंबर नहीं आया। न ठेकेदार ने सुधि ली न ही रेलवे के अधिकारियों ने। डेढ़ साल से एस्केलेटर खुले में ही पड़े हैं। अब लाखों की कीमत वाले इन एस्केलेटर की मशीनों में जंक लग गई है। पास में ही मल्टीपरपज हाल का भी निर्माण चल रहा है जिसके लिए आई रेत और बजरी भी एस्केलेटर मशीनों के ऊपर डाल दी गई है। यात्रियों ने भी यहीं कूडे़दान भी बना दिया है। आते-जाते रेलवे के अधिकारी रोज यह नजारा देखते हैं, लेकिन किसी ने भी रेलवे के लाखों रुपये की इस बर्बादी पर ध्यान नहीं दिया।
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बरेली जंक्शन पर एस्केलेटर निर्माण विभाग को लगाने हैं। पहले विभाग के अधिकारियों से एस्केलेटर लगने की प्रगति की जानकारी लेंगे। उन पर जंक कैसे लगी, इस बारे में जंक्शन के स्टेशन अधीक्षक से जवाब-तलब होगा। -एके सिंघल, डीआरएम मुरादाबाद डिवीजन

इज्जतनगर स्टेशन पर लगेंगे चाइनीज एस्केलेटर
आम आदमी के लिए झालर नहीं, रेलवे लगा रहा है चायनीज सामान
बरेली।
चीन से भारत की दुश्मनी आम लोगों के बीच अक्सर राजनीतिक मुद्दा बनती है। अक्सर सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर चीन के सामान के बहिष्कार के अभियान चलते हैं। हाल ही में दोकलम विवाद उभरने के बाद तो आम लोगों ने चाइनीज झालरों तक से परहेज शुरू कर दिया लेकिन रेलवे इज्जतनगर स्टेशन पर चाइनीज एस्केलेटर ही लगाने जा रहा है।
इज्जतनगर स्टेशन पर बुधवार रात ट्रक से चाइनीज एस्केलेटर पहुंच गए। यहां एस्केलेटर लगाने का ठेका नोएडा की मीटर एलाइड कंपनी को दिया गया है। स्टेशन मास्टर ऑफिस के पास फाउंडेशन का काम लगभग पूरा हो चुका है। रेलवे सूत्रों का कहना है कि स्टेशन के मुख्य गेट और सेकेंड एंट्री की ओर एस्केलेटर लगेंगे। इनकी लागत करीब दो करोड़ रुपये है। एस्केलेटर लगने से महिलाओं और बुजुर्ग यात्रियों को एक प्लेटफार्म से दूसरे प्लेटफार्म पर आने-जाने में आसानी होगी। हालांकि ये एस्केलेटर चीन से मंगाए गए हैं। चीन से दोकलम विवाद को लेकर देशवासियों में चीन के प्रति गुस्सा है। इसे लेकर चीन निर्मित उत्पादों का विरोध किया जा रहा है। दिवाली पर चाइनीज झालरें तक लोगों ने नहीं खरीदीं, लेकिन रेलवे चीन से एस्केलेटर खरीदकर लगा रहा है। इज्जतनगर मंडल के पीआरओ राजेंद्र सिंह ने बताया कि स्टेशन पर दो एस्केलेटर लगाने की मंजूरी मिली है। वे कहां से खरीदे गए हैं, इससे हमें कोई लेना-देना नहीं है।

 
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