बरेली। सड़कों पर घूमते आवारा गोवंशीय पशु पकड़ने के लिए नगर निगम की टीम ने पुलिस से सुरक्षा मांगी थी, लेकिन इसका उल्टा हुआ। डेलापीर में निगम की टीम द्वारा जानवर पकड़ने पर जब भीड़ ने हंगामा किया तो पुलिस वालों ने ही उन्हें छुड़वा दिया।
मुख्यमंत्री ने सड़कों पर आवारा घूमते गोवंशीय पशुओं पर रोकथाम लगाने के आदेश दिए हैं। इसके लिए करीब ढाई करोड़ रुपये खर्च करके सीबीगंज के गांव खड़ौआ में कान्हा उपवन एवं पशु आश्रय गृह बनवाया गया है। मगर जानवर पकड़ने के दौरान लोग नगर निगम की टीम से उन्हें छुड़ा ले रहे हैं। पिछले दिनों नगर निगम के पास ही कालीबाड़ी के लोग जानवर छुड़ा ले गए। इसके बाद बुधवार को भी ऐसा ही हुआ। नगर निगम की टीम ने डेलापीर फलमंडी एवं चौराहा और डीडीपुरम से करीब 18-20 गाय एवं गोवंशीय पशु पकड़े। जानवर मालिकों में यह सूचना पहुंची तो हड़कंप मच गया। जानवर पकड़ने वाली टीम के प्रभारी विजय कुमार ने बताया कि जानवरों के मालिकों ने निगम की टीम को घेर लिया और जानवर छोड़ने का दबाव बनाने लगे। इस पर टीम जानवरों से भरी ट्रॉली लेकर डेलापीर चौकी पर पहुंच गई। पशु मालिक भी वहां पहुुंच गए और हंगामा करने लगे तो पुलिस ने निगम टीम पर दबाव बनाकर जानवर छुड़वा दिए।
नगर निगम की टीम ने डेलापीर क्षेत्र से करीब 20 जानवर पकड़े थे। मगर लोगों ने हंगामा किया तो पुलिस ने सारे जानवर छुड़वा दिए।
- डॉ. अब्बास अली अंसारी, नगर स्वास्थ्य अधिकारी