बरेली। अति संवेदनशील बरेली में शांति समितियों की मैराथन बैठक और सद्भाव प्रेमियों के साथ मिलकर लगातार माहौल सामान्य बनाए रखने की कोशिश के बाद भी कई जगह तनातनी के हालात बने हुए हैं। इसके चलते दंगे की स्थिति में लागू होने वाली रेड स्कीम और दंगा होने की आशंका में लागू होने वाली येलो स्कीम को प्रभावी कर दिया गया है।
सांप्रदायिक कटुता की आशंका के लिहाज से 32 गांव अति संवेदनशील चिन्हित हुए हैं। अकेले शहरी क्षेत्र में निकलने वाले 175 जुलूसों की निगरानी में 48 मजिस्ट्रेटों की अगुवाई में दंगा नियंत्रण उपकरणों से लैस पुलिस बल को उतार दिया गया है। छोटी से छोटी घटना की सूचना मिलने पर दो से पांच मिनट में रिएक्शन वाला एक्शन प्लान बना है। अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी नजर है।
बात या माहौल बिगड़ने से पहले मामले की जानकारी सीधे अधिकारियों को उनके सीओजी नंबर पर देने का सर्वसाधारण से डीएम संजय कुमार और एसएसपी धर्मवीर यादव ने अनुरोध किया है। कलेक्ट्रेट में शनिवार को मोहर्रम पर बनाए गए एक्शन प्लान के बारे में मीडिया को बताते हुए दोनों अधिकारियों ने कहा कि पर्याप्त संख्या में पुलिस लाइन में रिजर्व फोर्स आपात स्थिति में एक्शन के लिए तैयार रखी गई है। अतिरिक्त चार कंपनी पीएसी और एक कंपनी आरएएफ को भी तैनात किया गया है। शहरी क्षेत्र में रविवार को सबसे ज्यादा 59 और चार नवंबर को 60 जुलूस निकलेंगे। इज्जतनगर, बारादरी, सीबीगंज, बिथरी चैनपुर, कैंट समेत सभी इलाकों से निकलने वाले जुलूसों के लिए भी फोर्स तैनात कर दी गई है। प्रेसवार्ता में एडीएम प्रशासन अरुण कुमार, एडीएम सिटी आलोक कुमार, एसपी देहात ब्रजेश श्रीवास्तव, एसपी ट्रैफिक ओपी यादव आदि मौजूद थे। बाद में डीएम ने मॉक ड्रिल के तहत बड़ा बाजार में भीड़भाड़ अधिक होने की सूचना देते हुए एसपी सिटी से मामला पता करने को कहा। तीन मिनट में एसपी सिटी मौके पर थे।