आयुष अपहरण कांड
बरेली। बिशप कोनरॉड के छात्र आयुष उर्फ प्रथम को अगवा करने वाले मास्टर माइंड बलवीर और उसके साथी जग्गा के एक बड़े नेता की शरण में होने की खबरें आ रही हैं। पुलिस इस नेता के यहां हाथ डालने की हिम्मत नहीं जुटा पा रही है। यही वजह है कि अपहरणकर्ताओं को पकड़ने उसकी मुहिम भी सफल नहीं हो पा रही है।
18 फरवरी 2013 को गंगानगर कॉलोनी से स्कूल जाते वक्त अगवा हुए हेड टीटीई के बेटे आयुष की आठ दिन बाद जैसे-तैसे बरामदगी तो हो गई। लेकिन इसके बाद पुलिस के आगे अगवा करने वाले बदमाशों को पकड़ने की चुनौती बाकी है। आला अफसरों ने एसटीएफ के अलावा एसओजी को भी बदमाशों की तलाश में लगाया है। पुलिस को कलान (शाहजहांपुर) के गांव परतापुर चौधरी के मास्टर माइंड बलवीर यादव के गैंग के पांचों लोगों केे नाम भी मिल गए हैं। लेकिन इनमें से अभी तक परौर (शाहजहांपुर) के गांव दसिया के बृजेश की ही गिरफ्तारी हो पाई है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक बलवीर अब एक बड़े नेता की शरण में है। पुलिस की टीमें उसकी गिरफ्तारी की कोशिश तो कर रही हैं, लेकिन नेता के यहां दबिश देने से कतरा रही हैं। हालांकि थानाध्यक्ष सुभाषनगर रंजीत सिंह यादव का कहना है कि बलवीर और जागन उर्फ जग्गा पर समेत चार बदमाशों का नाम तफ्तीश में खोल दिए गए हैं। उन्हें हम हर हालत में गिरफ्तार करेंगे।
पहले ही हो गया था समझौता
पुलिस सूत्रों के मुताबिक आयुष की रिहाई एक समझौते के तहत हुई थी, जिसमें कुछ राजनीतिक नेताओं ने ही मध्यस्थता की थी। इन नेताओं ने आयुष की रिहाई से पहले ही साफ कर दिया था कि बच्चे को तो वे दिला देंगे, लेकिन कार्रवाई किसी के खिलाफ नहीं होगी। यह समझौता भी अपहरणकर्ताओं की गिरफ्तारी के मामले में फांस बना हुआ है।