बरेली। दर्जा राज्यमंत्री आबिद खां इन दिनों मुश्किल में हैं। सुब्हानी मियां की नाराजगी उन्हें भारी पड़ रही है जो जगजाहिर हो चुकी है। तय माना जा रहा है कि आबिद खां का दरगाह से नाता टूट चुका है। यह भी साफ है कि आला हजरत खानदान के तमाम लोग भी किसी न किसी वजह से आबिद को लेकर काफी गुस्से में हैं जो कहीं न कहीं अपना गुस्सा जताते भी रहते हैं।
दरगाह आला हजरत के सज्जादानशीन मौलाना सुब्हान रजा खां (सुब्हानी मियां) की सिफारिश पर उनके सचिव आबिद खां को प्रदेश सरकार में राज्यमंत्री का दर्जा मिला है। कुछ ही माह में हालात ने ऐसी करवट बदली कि आबिद खां ही उनके निशाने पर आ गए हैं। चर्चा तो यहां तक है कि गत दिवस काबीना मंत्री शिवपाल सिंह यादव के आगमन पर सुब्हानी मियां ने आबिद खां को मंत्री पद से हटाने तक की बात कह दी है। लोगों का कयास है कि वह अब अपने घर के किसी फर्द को उस जगह पर लाने के इच्छुक हैं।
सूत्रों के हवाले से जो बात सामने आई है कि सुब्हानी मियां ने शिवपाल सिंह से यह भी स्पष्ट कर दिया है कि वह आबिद खां को अपने यहां से हटा चुके हैं। अब उनका दरगाह से कोई संबंध नहीं रहा। इधर चर्चा यह भी है कि इसी संदर्भ के कुछ पत्र मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव को फैक्स भी किए गए हैं।
सुब्हानी मियां की नाराजगी की अहम वजह इस्लामिया की मशाइख-ए-तरीकत कांफ्रेंस है जो आबिद खां रुकवा नहीं सके थे। उसके बाद बात बिगड़ती चली गयी। एक के बाद एक गलतियां आबिद खां के पाले में जुड़ती गयीं। बात सुब्हानी मियां की ही नहीं है। आबिद के मंत्री बनने से सुब्हानी मियां के भाइयों को भी खुशी नहीं थी, बल्कि नाराजगी ही सामने आई।
इन तमाम वजहों और खासकर सुब्हानी मियां की नाराजगी ने आबिद खां को एक तरह से शहर बदर कर दिया है। लगभग ढाई माह से ज्यादा बीत चुकें हैं आबिद खां बरेली नहीं आ रहे हैं। उन्होंने अपनी रिहाइश लखनऊ ही बना रखी है। इस बीच वह एक बार बरेली में एक शादी समारोह में शिरकत करने आए थे। तभी सब ने देखा था। पता चला है कि वह एक दो बार और भी आए मगर गुपचुप तरीके से। स्टेशन से उतरे और अपने घर पहुंचे और फिर उसी तरह वापस भी हो गए।