बरेली। गांव कमालपुर में विवादित स्थान पर जुमे की नमाज अदा कराए जाने के बाद तनाव बरकरार है। गांव का हिंदू समुदाय जिला प्रशासन के रुख पर संतुष्ट नहीं है। सोमवार को वे दोबारा डीएम से मिलेंगे। तनाव देखते हुए अभी भी गांव में एक प्लाटून पीएसी के साथ पुलिस फोर्स और खुफिया विभाग के लोग डेरा डाले हुए हैं। इस बीच हाईकोर्ट के आदेश पर एसडीएम कोर्ट में प्रत्यावेदन दाखिल कर दिया गया है। कोर्ट में इस पर तीन फरवरी को सुनवाई होगी। दोनों पक्षों को साक्ष्यों और अभिलेखों के साथ हाजिर होने का नोटिस दिया गया है।
शुक्रवार को जिला प्रशासन ने भारी तादाद में पुलिस लगाकर गांव में जुमे की नमाज अदा करा दी थी। इससे गांव के हिंदू समुदाय में नाराजगी है। रविवार को हिंदू समुदाय ने तय किया कि वे ग्राम प्रधान कालीचरण की अगुवाई में अपनी बात दोबारा डीएम के सामने रखेंगे। कालीचरण ने बताया कि जिला प्रशासन के फैसले से गांव के लोगों में भारी नाराजगी है। वे विवादित स्थान पर नमाज पर पहले की तरह प्रतिबंध चाहते हैं। उन्होंने बताया कि प्रशासन के स्तर पर न्याय न मिला तो वे उच्चतम न्यायालय तक जाएंगे।
इधर, एसपी सिटी राजीव मल्होत्रा ने बताया कि कमालपुर में पूरे हालात पर नजर रखी जा रही है। चूंकि अब यह प्रकरण कोर्ट में चला गया है और डीएम ने स्पष्ट कर दिया है कि विवादित स्थान मस्जिद नहीं है। लिहाजा अब एसडीएम कोर्ट ही इस मामले में फैसला करेगा। एसडीएम सदर रजनीश राय ने बताया कि तीन फरवरी को दोनों पक्षों को सुनने और समझने के बाद प्रकरण के निस्तारण की प्रक्रिया शुरू होगी। इससे पहले सोमवार को गांव से लोगों के डीएम के पास आने से पहले वे गांव पहुंचेंगे और गांव वालों से बात करेंगे क्योंकि जब मामला उनके कोर्ट में आ चुका है तो इस मामले में नाराजगी जताने का कोई औचित्य नहीं है।
जिस स्थान को लेकर विवाद है, वहां बाकी दिनों में पांचों वक्त की नमाज को लेकर कोई विरोध नहीं है लेकिन जुमे की नमाज को लेकर कुछ लोग निजी स्वार्थ साधने के लिए विरोध का माहौल बना रहे हैं। -इसरार अली, कमालपुर