बरेली। ईद-उल-फितर पर शहर भर की सभी छोटी-बड़ी मस्जिदों में हजारों लोगों ने नमाज अदी की। इसमें सबसे बड़ी और प्रमुख नमाज ईदगाह पर अदा की गई। नमाज के बाद मुल्क व शहर की खुशहाली और अमन के लिए खुदा की बारगाह में हजारों हाथ उठे। इसके बाद सभी ने एक दूसरे के गले मिल कर मुबारकबाद दी।
ईदगाह का मैदान सुबह साढ़े दस बजे नमाजियों से भरा हुआ था। ईदगाह के बाहर मैदान पर भी सफें भरी हुई थीं। इसी बीच ताजुश्शरिया अल्लामा मुफ्ती अख्तर रजा खां (अजहरी मियां) पहुंचे और ईद की नमाज अदा कराई। उनके बाद शहर काजी मौलाना असजद रजा खां कादरी ने खुतबा पढ़ा। पूर्व में मुफ्ती शुएब रजा व मौलाना शहाबउद्दीन रजवी ने तकरीर की।
इसके अलावा खानकाह नियाजिया में सज्जादानशीन शाह मोहम्मद हसनैन नियाजी (हसनी मियां) ने नमाज अदा कराई। इससे पहले साहिबे सज्जादा अपने परंपरागत शाही लिबास और अंदाज मेें घर से खानकाह तक नमाज पढ़ाने गए। उनके साथ प्रबंधक शब्बू मियां नियाजी, नायब सज्जादा शाह मेंहदी मियां, शब्बर मियां, कमाल मियां सहित तमाम खानवादे भी साथ रहे।
दरगाह आला हजरत स्थित रजा मस्जिद में मौलाना जुबैर रजवी ने नमाज पढ़ाई। यहां पर दरगाह प्रमुख मौलाना शाह सुब्हान रजा खां (सुब्हानी मियां), मौलाना मन्नान रजा खां, मौलाना तौकीर रजा खां सहित तमाम खानवादों ने नमाज अदा की। इसी तरह खानकाह शराफतिया में सज्जादानशीन शाह सकलैन मियां हुजूर ने नमाज पढ़ाई।
इसके अलावा प्रमुख रूप से शाही जामा मस्जिद में मुफ्ती खुर्शीद आलम, काशीफुल उलूम मस्जिद में मुफ्ती मोेहम्मद मियां कासमी, शिया जामा मस्जिद में मौलाना समशुल हसन खां, नौमहला में मौलान मोहम्मद अफजल सहित शहर की तमाम मस्जिदों में नमाज के बाद दुआएं की गईं। इसमें बड़ों के साथ बच्चों ने भी बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया।