पीडब्ल्यूडी अफसरों से पूछा- क्या कागजों पर हो रही है मरम्मत
अधिकारियों को टीमें बनाकर गड्ढा मुक्त सड़कों की जांच कराने के दिए निर्देश
बरेली। लोक निर्माण विभाग के राज्यमंत्री चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय ने पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों से सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के बारे में पूछा तो वे सकपका गए। इस पर राज्यमंत्री भड़क गए। बोले- गड्ढा मुक्ति क्या केवल कागजों पर ही हो रही है या मौके पर पहुंचकर अफसर भी कुछ देख रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को टीमें बनाकर गड्ढा मुक्त की गईं सड़कों की जांच करने के निर्देश दिए।
राज्यमंत्री चंद्रिका प्रसाद शुक्रवार को पीडब्ल्यूडी के दो कर्मचारियों के सेवानिवृत्त होने पर पीडब्ल्यूडी नियमित वर्कचार्ज कर्मचारी संघ की तरफ से आयोजित विदाई समारोह में बतौर मुख्य अतिथि हिस्सा लेने आए थे। इसके बाद उन्होंने सर्किट हाउस में पीडब्ल्यूडी और सेतु निगम के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। राज्यमंत्री के पूछने पर पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने बताया कि करीब पौने पांच सौ सड़कों को गड्ढा मुक्त किया जा चुका है। इस पर अफसरों से जब यह पूछा गया कि क्या वाकई गड्ढा मुक्ति के इतने काम हो गए हैं? मौके पर जाकर इन्हें चेक कराया गया है या नहीं? काम हुए भी हैं या नहीं इसकी पुष्टि किस तरह से की जाती है? तो वे सकपका गए और एक-दूसरे का मुंह ताकने लगे। हालांकि बचाव में अफसरों ने जवाब दिया कि सड़कों पर पैच वर्क तो हो रहा है लेकिन ओवरलोड वाहनों की वजह से सड़कें जल्द खराब हो रही हैं। राज्यमंत्री इस जवाब से संतुष्ट नहीं हुए। उन्होंने अधिकारियों को टीमें बनाकर गड्ढा मुक्त की गईं सड़कों की जांच कराने को कहा।
सेतु निगम को हिदायत- रेट रिवाइज के नाम पर न हो खेल
ओवरब्रिज और फ्लाईओवर के कामों की धीमी रफ्तार पर नाराजगी जाहिर करते हुए राज्यमंत्री चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय ने अधिकारियों को कड़ी हिदायत दी कि किसी भी प्रोजेक्ट को बेवजह लंबा न खींचा जाए, ताकि उसके रेट रिवाइज करने की नौबत पैदा हो। इससे सरकारी रकम की बर्बादी होती है। सेतु निगम के अधिकारियों ने आईवीआरआई ओवरब्रिज का काम रेलवे के समय से पूरा न करने पर लटके होने की दिक्कत बताई। अधिकारियों ने बताया कि आईवीआरआई क्रासिंग पर वह करीब सालभर पहले ही ओवरब्रिज का काम पूरा कर चुके हैं। देरी रेलवे की तरफ से हो रही है। उसने अब तक अपने हिस्से का काम नहीं किया है। इस वजह से यह प्रोजेक्ट पूरा नहीं हो पा रहा है। इसी तरह उन्होंने लालफाटक ओवरब्रिज को लेकर दिक्कत बताई कि कैंट एरिया में करीब 6500 वर्गमीटर जमीन का अधिग्रहण रक्षा मंत्रालय से होना है। इसका प्रस्ताव काफी पहले भेजा जा चुका है, लेकिन मंत्रालय से एनओसी न मिलने से दिक्कत है। चौपुला फ्लाईओवर के लिए पुलिस विभाग से अनापत्ति न मिलने सहित दूसरे प्रोजेक्ट के बारे में भी जानकारी दी गई। राज्यमंत्री ने सख्ती से कहा कि ओवरब्रिज और फ्लाईओवर के काम में देरी करके फिर उनके एस्टीमेट को रिवाइज किया गया तो इसके लिए संबंधित विभाग को जवाब देना होगा।