बरेली। जंक्शन पर एनईआर के ट्रैक तैयार करने का अभी कार्य पूरा नहीं हो पाया था कि इससे पहले ही छह नंबर प्लेटफार्म और रेलवे कॉलोनी के बीच बनाई गई दीवार ढह गई। जिससे यहां काम जल्दी पूरा होने बजाए और बढ़ गया है। वहीं नवनिर्मित दीवार ढहने के मामले में गुणवत्ता को परखने के लिए डीआरएम ने जांच बैठा दी है।
एनईआर का रामगंगा से कासगंज तक तो ब्राडगेज ट्रैक तैयार हो गया है, लेकिन राम गंगा से बरेली जंक्शन तक अभी काम चल रहा है। रेलवे जंक्शन पर एनईआर अपने खुद के दो ट्रैक तैयार कर रहा है। छह नंबर प्लेटफार्म और रेलवे कॉलोनी के बीच दीवार बनाई गई। ये दीवार शुक्रवार की रात हुई तेज बारिश के कारण ढह गई। जहां इसकी गुणवत्ता को लेकर सवाल उठ रहे हैं। वहीं अब इसे फिर दोबारा बनाने में अब और वक्त लगेगा। जबकि जहां रेलवे बोर्ड गाड़ी चलाने के लिए रामगंगा से जंक्शन के बीच ट्रैक जल्दी से जल्दी बनाने के निर्देश दे रहा है, वहीं इस रूट पर एक न एक अड़ंगा पड़ रहा है। जीएम रेलवे राजीव मिश्रा इसी ट्रैक के निर्माण की गति देखने के लिए सोलह जुलाई को अपने दो दिवसीय दौरे पर आ रहे हैं। उनके आने से पहले नवनिर्मित दीवार गिरने से रेलवे में खलबली मच गई है। यहां बता दें कि इससे पहले कासगंज सिटी और जंक्शन के बीच आई हाईटेंशन लाइन भी रेल संचालन में अड़ंगा बनी।
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.. तो जब तक नहीं बनेगा ट्रैक, तब नहीं चलेगी रेल
बरेली जंक्शन उत्तर रेलवे के चार प्लेटफार्म हैं। तीन और चार नंबर प्लेटफार्म पर एनईआर की गाड़ी चलाने की अनुमति मांगी थी, लेकिन एनआर के ये ट्रैक पहले से ही व्यस्त रहते हैं, इसलिए रेलवे बोर्ड से इन ट्रैक पर रेल चलाने की अनुमति नहीं मिली है। इसको लेकर एनईआर ने रामगंगा- बेरली जंक्शन के बीच काम में तेजी की है। इससे साफ हो गया कि अब एनईआर का ट्रैक बनने के बाद ही कासगंज के लिए ट्रेन चलेगी।
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निर्माणाधीन दीवार ढहने पर गुणवत्ता पर सवाल उठता है। किस तरह की सामग्री लगाकर दीवार बनवाई गई, इसकी जांच कराई जाएगी।
- चंद्र मोहन जिंदल, डीआरएम पूर्वोत्तर रेलवे इज्जतनगर