बस्ती। कप्तानगंज के बहुचर्चित सूर्यभान हत्याकांड का वर्क आउट नि:संदेह हतप्रभ करने वाला है। पुलिस की तफ्तीश में हत्या के पीछे की जो कहानी उभर कर आई है, उसके मुताबिक सूर्यभान ने जिसके साथ सात फेरे लिया, वही उसकी जान की दुश्मन बन गई।
कप्तानगंज थानाक्षेत्र के विशुनपुरवा निवासी सूर्यभान की हत्या की कहानी परत दर परत खुलती जा रही है। पति की हत्या की साजिश के आरोप में उसकी बीवी को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उससे पूछताछ के बाद पता चला कि उसके प्रेमी आनंद ने अपनी बाइक बेचकर हत्या के लिए रुपये दिया था। इसकी सुपारी लेने वालों को भी पुलिस चिह्नित कर चुकी है। वे भी उसी क्षेत्र के सुपारी किलर हैं। सूर्यभान की शादी कलवारी थानाक्षेत्र के तिसाहे गांव में मनीराम की बेटी वंदना के साथ हुई थी। उसके घर से करीब दो सौ मीटर दूरी पर स्थित अगौना गांव के आनंद पुत्र जय प्रकाश से उसका पहले से संबंध हो गया था। इसी बीच उसका गवना गया। वंदना छह दिन अपनी ससुराल में रहकर फिर मायके आ गई। उसी समय 17 जून को उसका दाेंगा (दूसरी बार ससुराल जाना) जाना था। इससे एक दिन पहले ही उसके पति सूर्यभान की हत्या कर दी गई। एसपी एमडी कर्णधार की मानें तो आनंद के पिता जय प्रकाश की रोड एक्सीडेंट में मौत हो जाने के बाद उसे मृतकाश्रित कोटे में ग्राम पंचायत अधिकारी के पद पर नौकरी मिल गई थी। उसकी बीवी की जहरीला पदार्थ खाने से पहले ही मौत हो चुकी है। इधर, जब सूर्यभान की भी हत्या हो गई तो वंदना और आनंद के रिश्ते आम हो गए। वे दोनों खुलेआम एक दूसरे के घर आने-जाने लगे। घटना के खुलासे में जुटी एसओजी और मुकामी पुलिस को कोई क्लू नहीं मिला तो उसकी बीवी के मोबाइल नंबर को खंगालना शुरू किया। तब जाकर आनंद के बारे में खुलासा हो सका।
बता दें कि 16 जून की सुबह विशुनपुरा निवासी सूर्यभान पुत्र रमेश चंद्र की भूपालपुर के पास गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी। एसपी ने इस खुलासे के लिए एसओजी इंचार्ज राजेश वर्मा, हेड कांस्टेबल दिनेश कुमार सरोज, आदित्य पांडेय, आनंद यादव, अरविंद यादव, बृजेश सिंह के अलावा एसओ रणधीर मिश्रा को शाबाशी दी है।