बस्ती। लखनऊ में बसपा सुप्रीमो मायावती की मूर्ति तोड़े जाने की खबर लगते ही गुरुवार को बसपाई आक्रोशित हो गए। सीएम के खिलाफ नारेबाजी करते हुए बसपाइयों ने आरटीओ आफिस के निकट बस्ती लखनऊ हाइवे पर जाम लगा दिया। सीएम अखिलेश यादव का पुतला फूंक विरोध जताया। करीब एक घंटे के जाम के दौरान यातायात प्रभावित हुआ। बाद में प्रशासन के हस्तक्षेप से जाम खत्म कराया गया।
प्रदेश की राजधानी में पूर्व सीएम व बसपा प्रमुख की प्रतिमा खंडित किए जाने के विरोध में बसपा ने गुरुवार की शाम नेशनल हाइवे जाम कर दिया। हाइवे जाम होने से दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गई। पूर्व मंत्री व विधायक राम प्रसाद चौधरी, बसपा के जोनल कोआर्डिनेटर उदयभान, विधायक जितेंद्र कुमार चौधरी, पूर्व विधायक दूधराम और जिलाध्यक्ष केके गौतम की अगुवाई में आक्रोशित बसपाई हाइवे पर बैठ गए। इससे जाम लग गया। क्षुब्ध कार्यकर्ताओं ने सीएम अखिलेश यादव का पुतला फूंक कर नारेबाजी की। इधर, नेशनल हाइवे पर जाम और सीएम का पुतला फूंके जाने की खबर से प्रशासन सकते में आ गया। सीओ राजेश भारती, तहसीलदार विनय शंकर तिवारी के घंटाभरमान-मनौव्वल के बाद बसपाई सड़क से जाम हटाने को तैयार हुए। पूर्व मंत्री राम प्रसाद चौधरी और जोनल कोआर्डिनेटर उदयभान ने बसपा प्रमुख की मूर्ति तोड़े जाने की घटना को शर्मनाक बताते हुए दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की। कहा इस तरह की घटना को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं करेंगे। बसपा जिलाध्यक्ष केके गौतम ने कहा कि सपा के इशारे पर मूर्ति तोड़ी गई है। इस मौके पर पूर्व जिलाध्यक्ष कृपाशंकर एडवोकेट, साहबदीन निषाद, मणिलाल वर्मा, मो. रफीक, बनवारी लाल कन्नौजिया, राम दास, अखिलेश गौतम, शैलेंद्र गौतम, श्याम सुंदर चौहान, नवमी प्रसाद, मोबीन कबाड़ी, मनोज पांडेय, ओमप्रकाश गौतम, संजय गौतम, विष्णुदेव पांडेय, लाल बहादुर, महेश चौधरी, राधे चौधरी, सालिकराम, शंभूनाथ, दिवाकर, सीताराम शास्त्री, शिवकुमार, सुरेश प्रताप सिंह आदि मौजूद रहे।
कुदरहा में बसपाइयों ने जताया विरोध
कुदरहा। कुदरहा में बसपा के जिला उपाध्यक्ष फूलचंद्र तिवारी की अगुवाई में बसपा कार्यकर्ताआें ने विरोध प्रदर्शन कर सपा को आड़े हाथाें लिया। कहा कि पूर्व सीएम ने दबे कुचले लोगों के लिए सिर उठाकर जीने का माहौल बनाया। यह सामंती मानसिकता वालों को रास नहीं आ रहा है। इस मौके पर विधान सभा क्षेत्र अध्यक्ष जंग बहादुर यादव, मनिराम बौद्ध, सिंगाररे गौतम, सुभाष प्रधान, बालकेश, हरिश्चंद्र यादव, प्रहलाद मौर्य, मालती आदि मौजूद रहे।