बस्ती। एडीजे अष्टम आईडी दूबे ने दो वर्ष पूर्व दुबौलिया के सांड़पुर में दिनदहाड़े हुए परशुराम हत्याकांड के तीन आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके अलावा तीनों को पांच-पांच हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अभियुक्त फुलौरी को आर्म्स एक्ट में तीन वर्ष के सश्रम कारावास की भी सजा सुनाई गई है।
अभियोजन के अनुसार, वादी भोला प्रसाद निवासी सांड़पुर (पटपरवा)ने दुबौलिया थाने में 15 जुलाई 2010 को तहरीर देकर रिपोर्ट लिखाई थी। इसमें कहा गया था कि उनके भाई परशुराम ने गांव के कैलाश राजभर की बेटी चमेली से कोर्ट मैरेज की थी। इससे लड़की के परिवार वाले रंजिश रखते थे। 15 जुलाई 2010 को वह और उसका भाई परशुराम बस्ती से वापस लौट रहे थे। इसी बीच रास्ते में उसके रिश्तेदार काशी मिल गए। सब लोग घर की तरफ जा रहे थे कि रास्ते में घात लगाए बैठे फुलौरी उर्फ सुरेंद्र, करिया उर्फ गंगा और दिनेश ने रमना तौफीक मोड़ के पास हमला कर दिया। करिया और दिनेश के ललकारने पर फुलौरी ने कट्टे से परशुराम पर फायर कर दिया। उपचार के लिए जिला अस्पताल लाते समय परशुराम की मौत हो गई थी। रिपोर्ट के आधार पर पुुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज किया था। दोेनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद ने न्यायाधीश ने तीनों अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। राज्य की तरफ से एडीजीसी क्रिमनल राजेंद्र प्रसाद यादवव नित्यानंद यादव ने मुकदमे की पैरवी की।