बस्ती। ट्रक पलटने के बाद हाईवे पर कोहराम मचा हुआ था। लोग यह जानने के लिए व्याकुल थे कि ट्रक के नीचे कितने लोग फंसे हैं। लेकिन सब बेबस थे। सबकी निगाह मोरंग खाली कर रहे लोगों और जेसीवी व क्रेन के मूवमेंट पर नजर गड़ाए हुए थे। इस बीच लोगों का हुजूम बार-बार पलटे ट्रक के करीब जाने के लिए बढ़ रहा था लेकिन एहतियातन पुलिस जवान उन्हें पीछे करते रहे।
जिन लोगोें के दबे होने की आशंका थी उनके परिजन भी खडे़ होकर विलाप कर रहे थे। उनका क्रंदन सुनकर लोग और भी विह्वल हो रहे थे। पहले खबर मिली कि नीचे दर्जन भर से अधिक लोग दबे हैं। ट्रक मिस्त्री संदीप के बाबा रामेश्वर और दादी हक्का-बक्का खडे़ थे। उनसे न रोते बन रहा था न बोलते। दादी हाथ जोड़कर भगवान से विनती कर रही थी कि उनका पोता सलामत रहे। पर उसकी दुआ बेकार साबित हुई। ड्राइवर रमेश और मिस्त्री संदीप के भी पिता समेत पूरा परिवार दहाड़ें मारकर रो रहा था। तमाम महिलाएं और पुरुष उन्हें संभालने का अथक प्रयास करते रहे। इस बीच लोग घटना की वजह के बारे में चर्चा करते रहे। हर कोई एक दूसरे से हताहतों के बारे में जानकारी हासिल करने की चेष्ठा में था। दुर्घटना वाले साइड पर आवागमन बंद होने की वजह से वाहनों की लंबी कतार लग गई। कुछ देर के लिए क्रेेन खड़ा करने के लिए दूसरा लेन भी बंद करना पड़ा। हालांकि ट्रक के सीधा होते ही हाईवे पर आवागमन शुरू करा दिया गया।