बस्ती। जिले में सफाई कर्मचारियों की फर्जी नियुक्ति आदेश का एक और मामला प्रकाश में आया है। इस बार जालसाजों की शिकार एक महिला बनी है। इसका खुुलासा तब हुआ जब उसके रिश्तेदार नियुक्ति आदेश लेकर डीपीआरओ कार्यालय पहुंचे।
पंचायती राज विभाग में सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति के नाम पर धांधली जारी है। इसका सूत्रधार कौन है यह अब तक पता नहीं चल सका। एक नए मामले में जालसाजों की शिकार सल्टौआ गोपालपुर निवासी एक महिला सुशीला हुई है। उसे जालसाजों ने सफाई कर्मचारी की नियुक्ति आदेश की प्रति उपलब्ध कराकर सल्टौआ ब्लाक के बहेरिया में ज्वाइन करने को कहा। महिला को कुछ शक हुआ तो उसने अपने एक रिश्तेदार के जरिए नियुक्ति पत्र की हकीकत जानने के लिए उसे डीपीआरओ कार्यालय भेजा। जहां विभागीय लिपिकों ने जब आदेश की कापी देखी तो उनके होश उड़ गए। इस पर छह मार्च 2013 का डेट है जबकि डीपीआरओ का नाम अनिल कुमार लिखा हुआ है। इस पर हस्ताक्षर भले ही नहीं है, मगर बाकी वह सब कुछ लिखा है जो नियुक्ति आदेश में लिखा जाता है। इसकी कापी भी अधिकारियों को प्रेषित किए जाने की बात लिखी है।
डीपीआरओ समरजीत यादव ने बताया कि कोई रैकेट तो है जो ऐसे कार्यों को अंजाम दे रहा है। सुशीला अब तक उनसे नहीं मिली। बहरहाल मामले की जांच कराई जा रही है। सुशीला से यह पता करने की कोशिश की जाएगी कि उसे यह फर्जी आदेश किसने और कितने रुपये लेकर दिए।