बस्ती। जिला एवं सत्र न्यायाधीश ओपी तिवारी ने दुष्कर्म के आरोपी की जमानत अर्जी बृहस्पतिवार को खारिज कर दी। आरोपी पर नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने और उसके साथ बलात्कार करने का आरोप है। जिला जज ने इस मामले को बेहद गंभीर मानते हुए जमानत अजी खारिज कर दी। उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
खबर के अनुसार, पीड़ित लड़की के पिता ने छावनी थाने में 4 अप्रैल 2013 को रिपोर्ट दर्ज कराई। पिता ने पुलिस को तहरीर दी कि इंदू उर्फ रमेश निवासी कुसमौर गोंडा का पहले से उसके घर आना जाना था। इस दौरान उसने नाबालिग लड़की से नजदीकियां बढ़ा ली। उसने पुलिस को बताया कि उसकी बेटी को रमेश शादी का झांसा देकर भगा ले गया है। पुलिस ने जांच-पड़ताल कर मुकदमा पंजीकृत कर लिया। पुलिस ने दोनों की खोजबीन शुरू की। बाद में लड़की बरामद हो गई। बरामद होने के बाद पता चला कि लड़की ने गर्भवती हो गई है। मामला अपहरण के साथ बलात्कार का सामने आया। पुलिस ने इस केस में सक्रियता बरतते हुए आरोपी रमेश को गिरफ्तार कर लिया। बृहस्पतिवार को जमानत अर्जी पर सुनवाई होनी थी। जिला एवं सत्र न्यायाधीश ओपी तिवारी के यहां इस अर्जी पर सुनवाई हुई। डीजीसी क्रिमिनल राजेंद्र शंकर द्विवेदी ने इस मामले को गंभीर प्रकृति का बताया। जज ने आरोपी की जमानत अर्जी नामंजूर कर दी।