बस्ती। गुरुवार से मुख्य डाकघर में पुलिस भर्ती परीक्षा के लिए आवेदन पत्रों की बिक्री शुरू हो गई। फार्म पाने के लिए पहले दिन कड़ी धूप में लाइन में खड़े अभ्यर्थियों को खूब पसीना बहाना पड़ा। हालांकि डाकघर पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किया गया था। डाक विभाग ने भी व्यवस्था में कोई कोताही नहीं बरती। नगर पालिका की ओर से पेयजल का इंतजाम था। पहले दिन पांच काउंटरों से शाम के चार बजे तक कुल 741 आवेदन पत्रों की बिक्री की गई।
गुरुवार को सुबह दस बजते-बजते पुलिस कर्मी बनने का ख्वाब लिए महिला व पुरुष अभ्यर्थी आवेदन फार्म लेने के लिए गांधीनगर स्थित मुख्य डाकघर पर जमा होने लगे। डाकघर की ओर से पांच काउंटर के माध्यम से फार्म की बिक्री प्रारंभ की गई। धूप ने फार्म के लिए लाइन में खड़े आवेदकाें का खूब पसीना निकाला। दो लाइन नए और दो लाइन पिछली सरकार के समय में आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों के लिए लगवाई गई। जबकि एक काउंटर महिलाआें के लिए खोला गया था। इन सभी पर दोपहर पर अभ्यर्थियों की भीड़ जुटी रही। मगर तीन बजे के करीब लाइन में गिनती के ही आवेदक फार्म लेने के लिए खड़े दिखे। जो अभ्यर्थी पूर्व में आवेदन कर चुके थे, उनको अपने पुराने आवेदन फार्म की छायाप्रति या फिर ओएमआर नंबर के साथ शपथपत्र लेकर फार्म दिया गया। जबकि नए अभ्यर्थियों को फार्म के लिए दो सौ रुपये चुकाने पड़े। शाम चार बजे तक काउंटर से फार्म की बिक्री जारी रही।
पुलिस का रहा पर्याप्त इंतजाम
डाकघर पर आवेदकों की भारी संख्या में पहुंचने का अनुमान लगाकर पुलिस अधीक्षक आनंद कुलकर्णी ने शहर क्षेत्राधिकारी राजेश भारती को निगरानी करने की जिम्मेदारी सौंपी थी। डाकघर पर पुरानी बस्ती, कोतवाली सहित अन्य जगहों से दो उपनिरीक्षक सहित पुरुष और महिला कांस्टेबिल को सुरक्षा के लिए तैनात किया गया था।
पालिका ने लगाई पानी की टंकी
अभ्यर्थियों को पीने के पानी के लिए कोई दिक्कत न हो, इसके लिए पालिका प्रशासन ने एक टैंकर पानी की व्यवस्था कर दी थी। इसका लाभ आवेदकों के साथ ही पुलिस कर्मियाें और अन्य लोगों ने भी लिया।
वितरण के लिए आए 5800 फार्म
डाकघर को वितरण के लिए सिर्फ 5800 फार्म मिले थे। इनमें 3800 नए और 2000 पुराने आवेदन फार्म शामिल हैं।
पहले दिन बिके 741 फार्म
गुरुवार को कुल 741 पुलिस भर्ती के आवेदन पत्रों की बिक्री हुई। इसमें नए 501 और पुराने आवेदकाें ने 240 फार्म लिया।
पांच काउंटर से बंटे फार्म : डाक अधीक्षक
डाक अधीक्षक रामअवध मिश्रा का कहना है कि कुल 5 काउंटरों से वितरण का कार्य कराया गया। किसी को कोई असुविधा नहीं हुई। शुरू में आवेदकों की संख्या अधिक रही, पर काउंटर पर्याप्त होने से दो बजे तक कम ही लोग लाइन में रह गए। महिलाओं के लिए एक काउंटर अलग खोल दिया गया था, जिससे उनको असुविधा का सामना न करना पडे़े।