बस्ती। सप्ताह भर से नगरीय क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था लोकल फाल्ट और इमरजेंसी रोस्टरिंग से बदहाल हो गई है। लोकल फाल्ट के चलते शनिवार की रात में पिकौरा दत्तू राय, बैरिहवां आदि मोहल्ले में पूरी रात बिजली नही आई। वहीं रविवार को जलकल परिसर में ट्रांसफार्मर जल जाने से दोपहर में रोस्टरिंग के बाद भी शाम के सात बिजली आई।
शनिवार को बिजली का तार टूट कर गिर जाने से रौता फीडर से जुड़े पिकौरा दत्तू राय, बैरिहवां, साकेतपुरी आदि मोहल्लों में पूरी रात लोगों को बिना बिजली के गुजारनी पड़ी। बिजली न आने से बड़ों के साथ बच्चे गर्मी और उमस से पूरी रात बेहाल रहे, उन्हें नींद नहीं आई। इन मोहल्लों में रविवार की सुबह बिजली आई। रविवार को दिन में दस बजे पूरे शहर में रूटीन रोस्टरिंग हो गई। मगर सुबह ही जलकल परिसर स्थित ट्रांसफार्मर जल गया। इसके चलते चार बजे रोस्टरिंग के बाद शहर के अन्य हिस्सों में तो बिजली आ गई। मगर गांधीनगर में बिजली नदारद रही। शाम को अचानक पांच बजे के करीब लखनऊ के आदेश पर इमरजेंसी रोस्टरिंग होने से पूरे शहर के लोग बेचैन हो उठे। शाम को सात बजे के करीब बिजली वापस लौटी।
आधी रात में दगा दे गया इन्वर्टर
जिन घरों में बिजली की वैकल्पिक व्यवस्था के लिए इन्वर्टर लगा हुआ है। उनके घर में भी आधी रात में इन्वर्टर डिस्चार्ज होकर दगा दे गया। इसके चलते लोगाें को हाथ वाला पंखा झलकर किसी तरह रात गुजारनी पड़ी।
नित्यकर्म के लिए हुई पानी की किल्लत
बिजली की गैर मौजूदगी से लोगों के घरों में लगा पानी का मोटर नहीं चल सका। इसलिए अधिकांश घरों के लोग पानी के लिए हैंडपंप की तलाश में पड़ोसियाें के घर भटकते रहे। रात तो किसी तरह लोगों ने गुजार लिया। मगर सुबह उठते ही नित्यकर्म के लिए पानी का संकट खड़ा हो गया।
लोकल फाल्ट अंकुश का प्रयास जारी
नगरीय उपखंड अधिकारी खुर्शीद आलम का कहना है कि ओवरलोड के चलते लोकल फाल्ट और इमरजेंसी रोस्टरिंग की नौबत आ रही है। फिर भी लोकल फाल्ट को नियंत्रित करने का प्रयास जारी है।