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गम और गुस्से में पवन के गांव वाले

Basti Updated Sat, 14 Sep 2013 05:36 AM IST
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बस्ती/लालगंज/कुदरहा। दिल्ली गैंगरेप में कोर्ट से मृत्युदंड की सजा दिए जाने की खबर मिलते ही लालगंज के जगन्नाथपुर गांव में पवन के घर के लोग बिलख उठे। गांव में बृहस्पतिवार से ही मायूसी छाई हुई थी। शुक्रवार क ो दोपहर बाद कोर्ट क ा फैसला आने के बाद गांव में मातम पसर गया। पवन के गांव के लोगोें का कहना है कि सजा जरूर मिलनी चाहिए थी, मगर मृत्युदंड नहीं।
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शुक्रवार को मीडिया के लोग जब दोपहर बाद जगन्नाथपुर गांव पहुंचे तो गांव के लोगों को मृत्युदंड की सजा की खबर मिल चुकी थी। पवन को मौत की सजा सुनाए जाने की खबर के बाद गांव के लोग फफक पड़े। उसकी दादी मोरासी देवी का रो-रोकर बुरा हाल था। वह रो-रोकर कह रही थीं कि फांसी की सजा तो कम से कम नहीं देनी चाहिए थी। एक बार माफ करना चाहिए था। पूरे गांव में जगह-जगह लोग बैठकर शोक मना रहे थे। हालांकि गांव में ही इस बात को लेकर गुस्सा भी था कि जगन्नाथपुर गांव पूरे विश्व में बदनाम हुआ है। गांव वालों का कहना है कि दिल्ली गैंगरेप की घटना में पवन क ा नाम आने के बाद से ही वे लोग शर्मिंदा हैं। हालांकि गांव के लोग कुछ देर तक मीडिया के लोगोें को गांव में घुसने नहीं दे रहे थे। उनका कहना था कि मीडिया ने गांव को बदनाम किया है। दूसरी ओर, फांसी की सजा की खबर मिलने के बाद पवन के नात-रिश्तेदार भी धीरे-धीरे कर गांव में जुटने लगे। वैसे पवन का पूरा परिवार दिल्ली में रहता है और फल का कारोबार करता है। गांव में सिर्फ उसकी दादी रहती हैं। जगन्नाथपुर में उसके पट्टीदार हैं। सबका कहना है कि गैंग रेप की घटना दुखद है और सजाए मौत भी।
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