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जज पहले अधिवक्ता होता है: खरे

Basti Updated Sun, 13 Oct 2013 05:38 AM IST
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बस्ती। नवंबर की 23 तारीख को आयोजित वृहद् राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने के लिए बस्ती आए प्रशासनिक न्यायमूर्ति आरडी खरे ने कहा कि लोक अदालत के माध्यम से सुलह समझौता से मुकदमों में कमी लाई जा सकती है। अधिवक्ताओं से लोक अदालत को सफल बनाने की अपील की और कहा कि जज पहले अधिवक्ता होता है और बाद में जज बनता है।
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सिविल बार एसोसिएशन के सभागार में आयोजित कार्यक्रम में न्याय मूर्ति खरे ने अधिवक्ताओं की समस्याओं का निदान करने का आश्वासन दिया। जिला जज उमेश सिंह ने सिविल कोर्ट में फोटो स्टेट की नई मशीन और अधिवक्ताओं के लिए न्यायालय कक्ष में फर्नीचर, शौचालय सहित अन्य सुविधा देने की बात कही। सिविल बार के अध्यक्ष गोपाल चंद्र पांडेय ने कहा कि बस्ती बार और बेंच बेहतर तरीके से कार्य कर रहे हैं। महामंत्री शशि प्रकाश शुक्ल ने सिविल बार के सभागार में आने के लिए और अधिवक्ताओं की समस्याओं से रूबरू होने पर आभार जताया। वीरेंद्र नाथ पांडेय ने अधिवक्ताओं की तीन समस्याओं को न्याय मूर्ति के समक्ष रखा। प्रदीप कुमार पांडेय, डीजीसी सिविल ईश्वरलाल चौधरी, अरुण कुमार श्रीवास्तव, परिपूर्णानंद ने भी संबोधित किया। संचालन उपेंद्र नाथ दुबे ने किया। इस मौके पर न्यायिक अधिकारी जेपी तिवारी, रामप्रीति द्विवेदी, राजेश कुमार, रामसहाय, रमाशंकर, विवेक त्रिपाठी, फूलचंद्र पटेल, इंतेखाब आलम, रमेशचंद्र, आसिफ इकबाल रिजवी, अशोक कुमार, उमेश कुमार, सैफ अहमद, आलोक द्विवेदी, महेंद्र कुमार सिंह, अतुल चौधरी, विराट सिरोमणि, विजय कुमार चौधरी, दुर्गाप्रसाद उपाध्याय, केके वर्मा, योगेंद्र बहादुर सिंह, रमेशचंद्र श्रीवास्तव, अरविंद चौधरी, हनुमान सिंह, मेहींलाल यादव, रविशरण सिंह, विजय कुमार तिवारी, कौशल किशोर श्रीवास्तव मौजूद रहे।
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