बस्ती। डीएम अनिल कुमार दमेले का गन्ना मूल्य बकाया भुगतान करने के लिए बस्ती चीनी मिल को दिया गया अल्टीमेटम असर कर गया। मिल ने समय सीमा समाप्त होने से एक दिन पहले ही गन्ना किसानों के अवशेष गन्ना मूल्य का भुगतान कर दिया। ऐसे में बस्ती मिल से जुड़े गन्ना किसानों की दिवाली इस बार फीकी नहीं रहेगी।
बस्ती मिल बंद होने के बाद गन्ना किसान मिल को चलाने के साथ ही मिल पर बकाया गन्ना मूल्य के भुगतान को लेकर आंदोलित हैं। बस्ती मिल पर गन्ना किसानों का कुल छह करोड़ 77 लाख 86 हजार रुपये बकाया था। बकाया गन्ना मूल्य के भुगतान कराने के लिए भाकियू ने भी डीएम से अनुरोध किया था। इस मामले में डीएम ने बस्ती मिल को नोटिस जारी कर गन्ना किसानों के बकाए गन्ना मूल्य का भुगतान करने के लिए 20 अक्टूबर तक का अल्टीमेटम दिया था। मिल प्रबंधन ने एक दिन पूर्व ही बकाया भुगतान कर दिया। जिला गन्ना अधिकारी आरडी द्विवेदी ने बताया कि अब गन्ना किसानों का बस्ती मिल पर कोई बकाया नहीं रह गया है। शेष मिलों पर भी बकाया गन्ना मूल्य भुगतान कराने के लिए जिला प्रशासन दबाव बना रहा है।
तीन मिलों पर लगभग 60 करोड़ का बकाया
बंदी की घोषणा के बाद भले ही बस्ती चीनी मिल ने बकाया गन्ना मूल्य का पूरा भुगतान कर दिया हो, मगर अभी भी जिले की तीन चीनी मिलों पर गन्ना किसानों का तकरीबन 60 करोड़ रुपया बकाया है। गन्ना विभाग के आंकड़ों की माने तो इन तीन मिलों पर कुल 59 करोड़ 95 लाख 94 हजार रुपया गन्ना मूल्य बाकी है। इनमें वाल्टरगंज मिल पर 14 करोड़ 92 लाख 95 हजार, अठदमा चीनी मिल पर 13 करोड़ 13 लाख 50 हजार और बभनान मिल पर सबसे अधिक 31 करोड़ 89 लाख 49 हजार गन्ना मूल्य बकाया है। इनके भुगतान की पहल अब तक चीनी मिलों ने नहीं की है।