सल्टौआ। रबी सीजन में किसान खाद और बीज के लिए सहकारी समितियों और सरकार से निर्धारित अन्य एजेंसियों का चक्कर काटने को मजबूर हैं। खाद-बीज की किल्लत से किसान मारे-मारे फिर रहे हैं। राजकीय कृषि बीज भंडार सल्टौआ और रामनगर सहित अन्य कृषि बीज गोदामों पर सुबह से ही किसानों की भीड़ लग रही है। लेकिन बीज न आने किसान शाम को निराश होकर वापस चले जाते हैं।
बस्थनवा निवासी रामकेश चौधरी, बसडीला के रामसहाय, सुभई के संतराम, कल्यानपुर के आशाराम, रेगी के रामचरन चौधरी, अशोक कुमार, अश्विनी कुमार आदि ने बताया कि गेहूं बीज के लिए हम सब कई दिनों से गोदामों का चक्कर काट रहे हैं। लेकिन प्रभावशाली लोग थोक के भाव में सरकारी बीज खरीदकर प्राइवेट दुकानों पर बेचने का काम कर रहे हैं। ऐसे में गरीब किसानों को अनुदानित बीज नहीं मिल पा रहा है। जिला और तहसील स्तरीय अधिकारी सरकारी बीज की अनधिकृत बिक्री पर रोक लगाने में अपने को अक्षम साबित हो रहे हैं। सुपरफास्फेट, पोटाश और यूरिया क ा दाम अधिक लिया जा रहा है। रेट लिस्ट न तो सरकारी गोदामों पर लगाई गई है और न ही प्राइवेट दुकानदार ही लगाए हैं। ऐसे में किसान ठगी के शिकार हो रहे हैं।