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उत्पादकता बढ़ाने की चुनौती स्वीकार करें: आर्य

Basti Updated Thu, 26 Dec 2013 05:43 AM IST
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बस्ती। उद्यान परिसर में तीन दिवसीय किसान मेले के समापन पर प्रदेश के युवा कल्याण राज्यमंत्री रामकरन आर्य ने कृषि उत्पादन को बढ़ाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि खेती के वैज्ञानिक तौर तरीके अपनाकर किसान उत्पादन बढ़ा सकते हैं। कृषि विभाग से जुड़े अधिकारी व किसानों को भी इसे चुनौती के रूप में लेना चाहिए।
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उन्होंने कहा कि हमें उत्पादन बढ़ाकर बढ़ती आबादी का पेट तो भरना ही है। साथ ही पास पड़ोस के मुल्कों के लिए भी अनाज पैदा करना है। जमीन तो बढ़ नहीं सकती, हमें उत्पादकता बढ़ाकर ही सबके भरण पोषण की जिम्मेदारी संभालनी है। कहा कि खेती को लाभकारी बनाने के लिए विविधीकरण को अमल में लाना चाहिए। खेती के साथ पशुपालन, कुक्कुट पालन, बकरी पालन, मत्स्य पालन जैसे उपायों को अपनाकर किसान खुशहाली का रास्ता तलाश सकते हैं। उन्होंने कहा कि हमारे समाज में महिलाएं भी खेती के कार्य में लगी हैं। वे पुरुषों के बराबर काम करती हैं। वैज्ञानिक तौर तरीकों को प्रोत्साहित कर कृषि उत्पादों को निर्यातोन्मुखी बनाया जा सकता है। राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त डा. राम नरेश चौधरी को सम्मानित किया गया।
डीएम अनिल कुमार दमेले ने कहा कि तीन दिवसीय किसान मेले में किसानों की भागीदारी से आयोजन करने वाली टीम का उत्साह बढ़ा है। यह अच्छी बात रही कि इस मेले में बड़ी संख्या में लोगों ने खेती किसानी की तकनीक की जानकारी ली। सीडीओ आईपी पांडेय ने कहा कि विभागों तथा संस्थाओं ने स्टालों के माध्यम से किसानों को उपयोगी जानकारी दी है। किसानों को आयोजन में प्राप्त जानकारी का प्रचार प्रसार करना है। जिससे कृषि तकनीक के व्यापक प्रसार का वातावरण तैयार हो सके। जिला कृषि अधिकारी डा. सतीश चंद्र पाठक ने समापन कार्यक्रम में आए अतिथियों के प्रति आभार प्रकट किया। तीन दिवसीय मेले के अंतिम दिन प्रथम सत्र जेडीए की अध्यक्षता में आयोजित गोष्ठी में उप निदेशक कृषि डा. पीके कन्नौजिया ने कृषि यंत्रों पर अनुदान के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। लखनऊ से आए वैज्ञानिक डा. एके द्विवेदी ने औषधीय खेती के तहत सतावर, सफेद मूसली तथा लेमन ग्रास के बारे में उपयोगी जानकारी दी। इस आयोजन में कृषि वैज्ञानिक डा. राघवेंद्र विक्रम सिंह, डा. बीना सचान, डा. जेपी यादव तथा अन्य वैज्ञानिकों ने विविध विषयों पर जानकारी दी। जेडीए अशोक कुमार ने संचालित योजनाओं के साथ ही सोलर पंप योजना के संबंध में भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बस्ती जनपद में सौ सोलर पंपों का लक्ष्य पूरा कर लिया गया है। किसानों की मांग पर लक्ष्य बढ़ाने के लिए शासन से पत्र व्यवहार किया गया है। समापन कार्यक्रम में स्कूली बच्चों ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया। इसके अतिरिक्त रामभवन, जोखूलाल आदि संास्कृतिक दलों ने कार्यक्रम प्रस्तुत किए। युवा कल्याण राज्यमंत्री ने उद्यान विभाग, भूमि संरक्षण विभाग तथा ग्राम एवं उद्योग विकास समिति चिलवनियां की स्टालों को पुरस्कृत भी किया। डीएम ने राज्यमंत्री से न्यूट्रीफार्म योजना को बस्ती में भी लागू कराने की बात कही। उन्होंने बताया कि यह योजना सिद्धार्थनगर तथा संतकबीरनगर जिलों में चल रही है। कार्यक्रम का संचालन अरविंद सिंह ने किया।
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मेले में रही धूम, किसानों ने व्यवस्था को बताया बेहतर
तीन दिनों तक चले किसान मेले में किसानों की धूम रही। किसानों ने मेले की व्यवस्था को बेहतर बताया और कहा कि इस तरह के मेले का आयोजन तहसील और ब्लाक स्तर पर भी होना चाहिए। मेले में सामानों की ब्रिक्री की धूम रही। 1.20 लाख रुपये के कीटनाशक, खिलौने, अगरबत्ती, गेहूं बीज, अचार, गरम कपड़ा, शक्तिवर्धक टानिक, सल्फर बिके, स्वास्थ्य विभाग के शिविरों में कुष्ठ, एनएचआरएम, मलेरिया, एड्स और मोतिया बिंद के 695 मरीजों परीक्षण हुआ और उन्हें दवाएं भी दी गईं। स्टालों के जरिए 2800 किसानों को खेती बारी की जानकारी दी गई। 21 किसानों ने मिट्टी की जांच कराई।

इन स्टालों पर रही सामानों के बिक्री की धूम
जिन स्टालों पर सामानों की बिक्री हुई उनमें आदर्श बीज भंडार, ग्राम एवं उद्योग व जय मां वैष्णो, चंदन फेस पाउडर, टाटा केमिकल, किसान फूड प्रोडक्ट, गांधी आश्रम, बालाजी ग्राम उद्योग, कृषि विभाग शामिल रहे।

स्टालों पर दी किसानों को खेतीबारी की जानकारी
धान्या सीड लि, यूएस एग्री सीड, वन विभाग, जल निगम, गन्ना विकास परिषद, उद्यान विभाग, दुग्ध उत्पादन संघ, मत्स्य विभाग, नेडा, रेशम विभाग शामिल रहे।

इन दुग्ध समितियों को मिला पुरस्कार
दुग्ध उत्पादन संघ ने जिले के पास अधिक दुग्ध का उत्पाद करने वाले समितियों को दो-दो हजार रुपये नकद पुरस्कार राज्य मंत्री की ओर से दिया गया। इनमें कौशल किशोर बंगरिया समिति सल्टौआ, रमेशचंद्र नेदुला समिति परशुरामपुर, रामबली पूरेनाथू समिति विक्रमजोत, गुलाब चंद्र रखिया समिति कप्तानगंज व विकलांग अनिता समिति गौरा रोहारी कुदरहा शामिल हैं।

चार किसानों को मिला ऋण
मेले में सघन मिनी डेरी परियोजना के तहत चार किसानों को दो-दो दुधारू पशु खरीदने के लिए पचास-पचास हजार रुपये ऋण स्वीकृति का पत्र दिया गया। इनमें तीन अल्पसंख्यक समुदाय के किसान शामिल हैं। इस योजना में प्रति यूनिट पर 113480 रुपये का ऋण सरकार देती है।
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