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‘मैं दो परम पुरख को दासा, देखन आयो जगत तमाशा’

Basti Updated Sun, 12 Jan 2014 05:44 AM IST
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बस्ती। खालसा पंथ के जनक श्रीगुरुगोविंद सिंह का 348वां प्रकाशोत्सव कंपनीबाग स्थित गुरुद्वारा में शनिवार को संपन्न हुआ। इस अवसर पर कीर्तन दरबार एवं गुरु का लंगर का आयोजन हुआ। कीर्तन में सिख एवं अन्य समाज के श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
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लखनऊ से आए भाई राजेंद्र सिंह ने ‘मैं दो परम पुरख को दासा, देखन आयो जगत तमाशा’ और ...सवा लाख से एक लड़ाऊ तब गोविंद सिंह नाम कहाऊं... सुनाकर सारी संगत का मनमोह लिया। मणिपुर से आए रागी जत्था भाई अमृतपाल सिंह, बीबी तरक कौर ने ...भय प्रकाश हमारा भयो पटना शहर लिखे भव लियो... एवं वाहि-वाहि गोविंद सिंह आपे गुरु चेला... सुनाकर सब का मन मोह लिया। फिरोजपुर पंजाब से आए भाई जसवंत सिंह ने गोविंद सिंह के इतिहास पर प्रकाश डाला। नौतनवां से आए परमजीत सिंह ने गुरु गोविंद सिंह के परिवार की ओर से दी कुर्बानी पर भजन कार्यक्रम प्रस्तुत किया। कीर्तन दरबार का संचालन सरदार जगवीर सिंह ने किया। गुरुद्वारे के सेवक कुलदीप सिंह ने आए सभी मेहमानों को धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम का समापन ग्रंथी ज्ञानी सतवीर सिंह के अरदास के साथ हुआ। कुलदीप सिंह, हरि सिंह बबलू, सुरजीत सिंह, प्रीतम सिंह, महेक सिंह, जोगेंद्र सिंह, हरभजन सिंह, बलजीत सिंह, सरबजीत सिंह, सैकी सिंह, अमनदीप सिंह, चिंटू सिंह, मनप्रीत सिंह, अमृतपाल सिंह, जसवीर सिंह, रघुवीर सिंह, तरनजीत सिंह, बब्लू सिंह, जसपाल सिंह, बूटा सिंह, डामंड सिंह, सीतू सिंह, रोमा सिंह, पियूष सिंह, चरणजीत सिंह, हरदीप सिंह, डिप्टी सिंह, दलजीत सिंह, सुरेंद्र कौर, गुरमीत सिंह, करण सिंह, मनदीप सिंह, हरवंश सिंह, विनोद कुमार, जसवंत सिंह, उजागिर सिंह, कमलसेन, त्रिलोचन सिंह, सोबर सिंह, नरेश कुमार, ओमप्रकाश, जयप्रकाश, बाबी सिंह, आत्मजीत सिंह, गौरव सेठी आदि मौजूद रहे।
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