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सीएचसी अधीक्षक ने चार्ज देने से मना किया

Basti Updated Wed, 12 Feb 2014 05:43 AM IST
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बस्ती/भानपुर। स्थानीय सीएचसी पर तैनात अधीक्षक डॉ. रंजीत कुमार का मंगलवार को स्थानान्तरण कर दिया। उनको सीएमओ ने जिला क्षय रोग अधिकारी बनाने का आदेश दिया है। जबकि अधीक्षक का चार्ज एडिशनल सीएमओ डॉ. आरके वर्मा को दिया है। आदेश का अनुपालन करने जब एसीएमओ सीएचसीर पर पहुंचे तो वहां पर मौजूद अधीक्षक ने बीमारी का हवाला देकर चार्ज देने से मना कर दिया। सूत्राें की मानें तो अधीक्षक ने आदेश को न मानते हुए उनके साथ रूखा व्यवहार किया। इससे दुखी एसीएमओ ने मामले को सीएमओ के संज्ञान में लाने की बात कहकर लौट गए। सीएमओ ने सीएचसी अधीक्षक का स्थानांतरण कर उनका कार्यभार एसीएमओ डॉ. वर्मा को तत्काल प्रभाव से लेने का आदेश जारी किया। इसके बाद वे आदेश के अनुपालन में चार्ज लेने सीएचसी पर पहुंचे। अधीक्षक को सीएमओ के आदेश को दिखाते हुए चार्ज देने को कहा। लेकिन अधीक्षक ने आदेश को तत्काल मानने से इंकार कर दिया। बाद में बीमारी का हवाला देकर तत्काल चार्ज देने में असमर्थता जताई। सूत्रों का कहना है कि इस दौरान दोनों में बहस भी हुई। एसीएमओ ने मामले को सीएमओ के संज्ञान में लाने की बात कही। लेकिन अधीक्षक अपने रूख पर कायम रहे। जिससें डॉ. आरके वर्मा को बैरंग लौटना पड़ा। इस संबंध में डॉ. वर्मा ने बताया कि वे सीएमओ के आदेश के अनुपालन में चार्ज लेने आए थे। लेकिन अधीक्षक ने बहाना बनाकर चार्ज देने से मना कर दिया। उनका व्यवहार भी उचित नहीं था। फिलहाल, वे इसकी जानकारी सीएमओ को देंगे। सीएमओ डॉ. जेपी सिंह ने कहा कि स्थानांतरण प्रशासनिक आधार पर किया गया है। आदेश का अनुपालन अधीक्षक ने क्यों नहीं किया। इसकी रिपोर्ट एसीएमओ से मिलने के बाद उचित निर्णय लिया जाएगा।
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स्थानांतरण के पीछे राजाराम प्रकरण तो नहीं
अस्तपाल सूत्राें पर भरोसा करें तो सीएचसी अधीक्षक का केंद्र पर तैनात रहे एलटी राजाराम मिश्रा से नहीं बनती थी। उनके कार्यकाल में कराए गए एएनएम सेंटर का निर्माण, जननी सुरक्षा के चेक देने में अनियमितता और अन्य कई कारगुजारियाें की जांच की मांग लेकर राजाराम ने पीआईएल दाखिल किया था। जांच में विलंब को लेकर राजाराम मिश्रा ने 26 जनवरी को विधानसभा के सामने आत्मदाह की धमकी दी थी। जिसके चलते उसको गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। बाद में जमानत पर वह छूटे। सूत्र यह भी बताते हैं कि शिकायत में वर्तमान अधीक्षक के रहते निष्पक्ष जांच न होने की आशंका जताई गई है। जांच के लिए लखनऊ से टीम आने वाली है। इन्हीं सब बाताें को लेकर अधीक्षक का स्थानांतरण किया गया है।
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