बस्ती। तेजाब से प्रभावित किसी गरीब की इलाज के अभाव में मौत नहीं हो पाएगी। शासन ने तेजाब से प्रभावित व्यक्तियों को निशुल्क इलाज कराने का निर्णय लिया है। इसके लिए शासन के सचिव ने प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य को पत्र लिखकर इस निर्णय से अवगत कराया है और कार्रवाई करने को कहा है। साथ इसकी नियमित समीक्षा करने को भी कहा है। डीएम अनिल कुमार दमेले ने एसपी, एडीएम, सीएमओ और समस्त एसडीएम को पत्र लिखकर कार्रवाई और समीक्षा करने के लिए पत्र लिखा है। शासन ने यह कदम उच्चतम न्यायालय में क्रिमिनल रिट याचिका लक्ष्मी बनाम यूनियन ऑफ इंडिया और अन्य के मामले में उठाया है।
शासन के सचिव एसके रघुवंशी की ओर से जारी पत्र में उच्चतम न्यायालय की ओर से पारित आदेशों के अनुपालन में तेजाब (एसिड) से प्रभावित व्यक्तियों को निशुल्क चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध कराने की बात कही गई है। कहा गया है कि तेजाब के प्रयोग से महिलाओं और अन्य को गंभीर शारीरिक क्षति पहुंचाने की बढ़ती प्रवृत्ति को सख्ती से नियंत्रित करने और दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की आवश्यकता है। समस्त मुख्य, प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक, जिला, महिला एवं संयुक्त चिकित्सालय से कहा गया है कि एसिड अटैक से पीड़ित व्यक्तियों को प्राथमिकता के आधार पर मुफ्त चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। साथ ही जिलों में की जा रही कार्रवाई की नियमित समीक्षा की जाए।