बस्ती। मंडल की चीनी मिलों पर गन्ना किसानों का 11 मार्च तक तीन अरब से अधिक का गन्ना मूल्य बकाया है। गन्ना मूल्य के लिए निर्धारित समय सीमा 12 मार्च बीत जाने के बाद मिलों के खिलाफ डीएम ने मुकदमा दर्ज कराने की संस्तुति दे दी है। वाल्टरगंज और अठदमा मिल ने महज 22 दिसंबर 2013 तक के गन्ना मूल्य का ही भुगतान किया है।
वाल्टरगंज मिल पर 76 करोड़ 78 लाख 76 हजार रुपए गन्ना मूल्य, तो अठदमा मिल पर एक अरब चार करोड़ 35 लाख 16 हजार रुपये, बभनान मिल पर एक अरब आठ करोड़ 50 लाख 61 हजार रुपये और खलीलाबाद मिल पर 28 करोड़ 90 लाख 23 हजार रुपये गन्ना मूल्य बकाया है। ऐसे में गन्ना किसानों की कमर टूट जा रही है। गन्ना किसानों की समझ में नहीं आ रहा है कि वे क्या करें। वहीं डीसीओ की ओर से मिलों के अध्याशी और प्रधान प्रबंधक को दी गई गन्ना मूल्य भुगतान की समय सीमा भी बीत गई, मगर मिलों ने भुगतान नहीं किया। मिलों को जारी नोटिस में कहा गया था कि पहली मार्च को डीएम की ओर से बकाया गन्ना मूल्य के भुगतान के लिए कड़े निर्देश दिए गए थे। पहले आठ मार्च तक का समय दिया गया था, बाद में इसे बढ़ाकर 12 मार्च कर दिया गया, मगर मिलों की ओर से अवशेष गन्ना मूल्य का भुगतान नहीं किया गया। ऐसे में गन्ना किसानों का हित प्रभावित हो रहा है। उनमें व्यापक असंतोष भी व्याप्त है। ऐसे में शांति व्यवस्था प्रभावित होने की संभावना है। भुगतान न होने पर डीसीओ ने डीएम को पूरे प्रकरण से अवगत कराते हुए मिलों के खिलाफ कार्रवाई का अनुरोध किया। डीएम ने मिलों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराने का निर्देश दिया है। डीसीओ डॉ. आरडी द्विवेदी ने बताया कि डीएम ने मुकदमा दर्ज कराने की संस्तुति कर दी है। जल्द ही मिलों के विरुद्ध संबंधित थानों में मुकदमा दर्ज करा दिया जाएगा।