छावनी। तुर्शी गांव में सोमवार को लगी आग से 20 घर जलकर राख हो गए। सामान बचाने के चक्कर में एक महिला गंभीर रूप से झुलस गई जिसे इलाज के लिए फैजाबाद भेजा गया है। छह मवेशी भी आग की चपेट में आ गए। अग्निपीड़ितों के बदन पर कपड़ा के सिवा कुछ भी नहीं बचा। राजस्वकर्मी मौके पर पहुंच कर नुकसान का जायजा लिए।
तुर्शी में सोमवार दिन में 10.30 बजे आशाराम के मकान में उस समय आग लग गयी जब परिवार के सदस्य खेत में काम कर रहे थे। घर से आग की लपटें निकलती देखकर जब तक गांववाले कुछ कर पाते तब तक आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। गांव के चारों तरफ चीख पुकार मच गयी। देखते ही देखते लोचन, मनीराम, वीपत, बहादुर, रामनेवाज, झुरई, हरीराम, मंगरू, पल्टू, हंसराज, निरहू, जसवंत, अंबिका, हृदयाम, रामजनम, सालिक, खुद्दुर, गुरुचरन, राम जियावन के आशियाने जलकर राख हो गये। सामान बचाने के चक्कर में बहादुर की पत्नी सीता गंभीर रूप से झुलस गयी जिसे इलाज के लिए फैजाबाद भेजा गया है। मौके पर पहुंचे तहसीलदार विपिन कुमार सिंह ने बताया कि इस घटना में कई लाख रुपये की संपत्ति का नुकसान हुआ है। राहत के तौर पर पीड़ित परिवारों को प्लास्टिक-शीट व कंबल उपलब्ध करा दिया गया है। राशन व्यवस्था की जिम्मेदारी कोटेदार को सौंपी गयी है।