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जेई प्रभावित ग्राम सल्टौआ में मिली गंदगी

Basti Updated Sat, 06 Sep 2014 05:30 AM IST
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बस्ती। विकास खंड सल्टौआ गोपालपुर स्थित जेई प्रभावित ग्राम पंचायत सल्टौआ गोपालपुर में बाल मैत्री शौचालय और निर्मल भारत अभियान के तहत निर्माण होने वाले शौचालयों की स्थिति दयनीय है। जिला परियोजना समन्वयक विष्णु देव नाथ की जांच में यह खुलासा हुआ कि गांव की साफ-सफाई न होने, स्कूलों में निर्मित शौचालयों में गंदगी होने, शौचालयों का प्रयोग न करने के और स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था न होने से गांव जेई प्रभावित की श्रेणी में आ गया। इसके लिए पंचायत सचिव, प्रधान और सफाई कर्मियों को जिम्मेदार ठहराया गया है और कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को लिखा गया है।
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जांच रिपोर्ट मेें कहा गया है कि ग्रामीण क्षेत्रों में शौचालयों के नाम पर आवंटित धनराशि का दुरुपयोग हो रहा है। धन उपलब्ध रहने के बावजूद शौचालयों का निर्माण न होना और बने शौचालयों का प्रयोग न करना गंभीर बीमारियों का कारण बनता जा रहा है। शौचालयों के निर्माण और उसकी उपयोगिता को लेकर पंचायत विभाग हमेशा अधिकारियों के सवालों के घेरे में रहा है। धन के दुरुपयोग के लिए इसी विभाग के लोगों को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है।
जेई प्रभावित ग्राम पंचायत सल्टौआ गोपालपुर का निरीक्षण करने गए जिला परियोजना समन्वयक विष्णु देव नाथ ने अधिकारियों को कार्रवाई के लिए जो रिपोर्ट भेजी है, उसमें कहा गया है कि ग्राम के सचिव महेंद्र कुमार ने आज तक लाभार्थी परक योजनाओं जैसे निर्मल भारत अभियान, पेयजल आदि के संबंध में गांव वालों को कोई भी जानकारी नहीं दी गई। ग्राम पंचायत समितियों की कोई भी बैठक आज तक नहीं की गई। कराए गए कार्यों का विवरण दीवार पर लेखन नहीं कराया गया। मनरेगा के मजदूर राजेश, चंद्रिका, चंद्रहास, छविलाल, श्यामलाल, दिनेश, मंगरे, कैलाश ने बताया कि उन लोगों का जॉब कार्ड प्रधान और सचिव अपने पास रखे हुए हैं। मजदूरों के काम मांगने के बावजूद उन्हें काफी समय से कोई भी कार्य उपलब्ध नहीं कराया गया। ग्राम पंचायत में स्थापित अधिकांश इंडिया मार्क टू हैंडपंप आंशिक मरम्मत के अभाव में खराब पड़े हैं। ग्राम वासियों को मजबूरी में वर्जित वाले छोटे हैंड पंपों से पानी पीना पड़ रहा है। इसके चलते गांव जेई प्रभावित हो गया। बताया गया कि इससे पूर्व जांच में यहीं कमियां पाई गई थीं, जिसके लिए सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, मगर सचिव ने अभी तक कोई जवाब नहीं दिया। सीडीओ मारंकडेय शाही ने बताया कि रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जा रही है।
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