बस्ती। जिले के व्यापारियाें ने अब पुलिस और प्रशासन की अविवेकपूर्ण नीति के विरोध में आरपार के आंदोेलन का ऐलान कर दिया है। व्यापारियाें का कहना है कि पुलिस महसो में हुई स्वर्ण व्यवसायी से लूट और हत्या के मामले का खुलासा करने के बजाए व्यापारियों पर फर्जी मुकदमे दर्ज कर उत्पीड़न कर रही है। इसको सहन नहीं किया जाएगा। बीस सितंबर से लेकर 1 अक्टूबर तक चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा। इसके बाद भी मांग पूरी न होने पर विधानसभा के सामने आत्मदाह की चेतावनी भी दी।
उत्तर प्रदेश सराफा एवं स्वर्ण व्यवसायी संघ ने बुधवार को पत्रकार वार्ता में आंदोेलन की जानकारी दी गई। जिलाध्यक्ष कुंदनलाल वर्मा, आशुतोष राय, राजेश सिंह, अमरमणि पंाडेय, मणिलाल वर्मा ने संयुक्त रूप से कहा कि अब जिले के व्यापारी अपने उत्पीड़न और पुलिस की तानाशाही के विरोध में एकजुट हैं। महसो में स्वर्ण व्यवसायी योगेंद्र सोनी के साथ हुई लूट और हत्या के मामले में पुलिस अपराधियों तक नहीं पहुंच पाई। इसके खुलासे की मांग को लेकर ज्ञापन देने पहुंचे 80 व्यापारी नेताओं के खिलाफ फर्जी तरीके से आपराधिक धाराओं में मुकदमा दर्ज कर दिया। लेकिन व्यापारी ऐसी कार्रवाई से डरने वाले नहीं हैं। अब घटना के वास्तविक खुलासे और व्यापारियों पर दर्ज मुकदमे की वापसी और दोषी पुलिस अधिकारी और कर्मियों पर कार्रवाई न होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
कुंदनलाल ने बताया कि 20 सितंबर को जीआईसी से गांधीनगर तक कैंडल मार्च निकाला जाएगा। 22 सितंबर को पुरानी बस्ती से गांधीनगर और कचहरी होते हुए डीएम कार्यालय तक मोटर साइकिल रैली, 24 सितंबर को पंचायती मंदिर मंगलबाजार से रोडवेज तक मौन जुलूस व काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन किया जाएगा। 26 सितंबर को गांधीनगर से कंपनी बाग तक अर्द्धनग्न प्रदर्शन, 29 और 30 सितंबर को दो दिवसीय मंडलीय बंदी और एक अक्टूबर को जेल भरो आंदोलन किया जाएगा। बताया कि अगर इसके बाद भी मामले का समाधान नहीं हुआ तो वे विधानसभा के सामने स्वयं आत्मदाह करेंगे। कहा कि व्यापारी हितों पर कुठाराघात कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अन्य संगठनों के व्यापारी नेताओं ने भी इस आंदोलन को समर्थन देने का ऐलान किया है। साथ ही राजनीतिक दलों से भी इसमें सहयोग मांगा जा रहा है।