जिला पंचायत के सदस्यों ने शनिवार को जिला योजना में वित्तीय वर्ष 2018-19 के लिए 4.31 अरब रुपयों के बजट पर मुहर लगा दी। इस धन से सदस्यों के दिए गए प्रस्तावों पर विकास कार्य किए जाएंगे। यह निर्णय जिला पंचायत की बैठक में हुआ है। सदस्यों ने बैठक में अनुपस्थित अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग उठाई, जिस पर सदन ने सर्वसम्मति से सहमति दे दी। अगली बैठक में कार्रवाई की पुष्टि की जाएगी।
बैठक की शुरुआत अध्यक्ष देवेंद्र सिंह सानू की अनुमति से अपर मुख्य अधिकारी उदय शंकर सिंह ने की। गत वर्ष की बैठक की कार्रवाई को एएमए ने पढ़कर सुनाया। चर्चा के दौरान अधिशासी अभियंता सरयू नहर खंड-5 की अनुपस्थिति पर सदस्यों ने रोष जताते हुए नियमानुसार कार्रवाई की मांग रखी। इसे सदन ने सर्वसम्मति से सहमति दी। जिला योजना में सभी ग्राम पंचायतों, विकास खंडों व अन्य विभागों की कार्य योजना को एकत्रित कर 4.31 अरब रुपये की जिला योजना बजट प्रस्तुत किया गया। सदन ने जिला पंचायत के स्वामित्व वाले भवन व दुकानों के किराया में 25 प्रतिशत वृद्धि के प्रस्ताव को मंजूरी दी। जिला पंचायत के कर्मियों को राज्य कर्मियों की भांति एक जनवरी 2016 से सातवें वेतन आयोग की संस्तुतियों पर वेतन पुनरीक्षित किए जाने का भी अनुमोदन सदन ने किया। इस मौके पर डीसी मनरेगा अनिल सिंह, डीडीओ नीरज श्रीवास्तव, सदस्य आशुतोष प्रताप सिंह, यशोदानंद यादव, राम कुमार पटेल सहित तमाम सदस्य मौजूद रहे।