ज्ञानपुर। काशी नरेश राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय को उच्च शिक्षा विभाग की ओर से ई-लाइब्रेरी के लिए चयनित किया गया है। इससे केएनपीजी के छात्र-छात्राओं को किताबों के परंपरागत अध्ययन से इतर हाई टेक वातावरण में अध्ययन करने का मौका मिलेगा। वे घर बैठे माउस की एक क्लिक पर मनचाहे विषय और पुस्तकों का अध्ययन कर सकेंगे। राजकीय महाविद्यालयों को ई-लाइब्रेरी से लैस करने के लिए शासन के निर्देश के तहत केएनपीजी का चयन किया गया है। इसकी प्रक्रिया पूरी होते ही महाविद्यालय को ई-लाइब्रेरी के लिए शासन की ओर से धन अवमुक्त कर स्टॉफ की व्यवस्था दी जाएगी। इसके बाद महाविद्यालय की कक्षाओं में चल रहे काशी विद्यापीठ के पाठ्यक्रमों को इंटरनेट पर अपलोड किया जाएगा। पहले चरण में प्रदेश के चुनिंदा राजकीय महाविद्यालयों को ही ई-लाइब्रेरी के लिए चयनित किया गया है। इसमें केएनपीजी की प्राचीनता, प्रसिद्धी, गुणवत्ता और योग्यता को देखते हुए वरीयता मिली है। वैसे प्रदेश शासन की मंशा प्रदेश के हर राजकीय महाविद्यालय में ई-लाइब्रेरी की स्थापना करने की है। देश के अन्य कई प्रदेशों के महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों और वीआईपी स्कूलों में ई-लाइब्रेरी की व्यवस्था वर्षों पूर्व ही कर दी गई थी। इसके अलावा प्रदेश में भी निजी स्तर के कुछ शिक्षण संस्थानों में इसकी सुविधा है। महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य डॉ. वीके दुबे ने बताया कि सप्ताहभर पूर्व केएनपीजी को शासन की ओर से ई-लाइब्रेरी के लिए चयन की जानकारी मिली है। अभी महाविद्यालय में वर्तमान लाइब्रेरी के जर्जर हो चुके भवन को दुरुस्त कराने की प्रक्रिया चल रही है। ई-लाइब्रेरी के लिए शासन से दिशा-निर्देश मिलते ही कार्य की प्रक्रिया शुरू होगी।