धामपुर। अफजलगढ़ गैस एजेंसी स्वामी सुबोध शर्मा का अपहरण और उन्हें छुड़ाने गई पुलिस पार्टी पर हमला करने के आरोप में जेल में बंद पूर्व बसपा विधायक अशोक राणा की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। इस मामले में प्रशासन ने पूर्व विधायक समेत सात लोगों पर गैंगेस्टर में रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
कोतवाल केपी सिंह ने बताया कि पूर्व विधायक और उनके ब्लाक प्रमुख भांजे उदित नारायण पर गैस एजेंसी मालिका का अपहरण करने और जान से मारने की कोशिश करने का आरोप है। अपहरण की सूचना मिलने पर जब पुलिस उनके गांव ठाठजट में एजेंसी मालिक को छुड़ाने गई, तो उन्होंने पुलिस पर हमला कर दिया, जिससे पुलिस पार्टी को उल्टे पांव लौटना पड़ा। बाद में पूर्व विधायक ने समर्थकों की मदद से सुबोध शर्मा को उसके घर छुड़वा दिया था। इस मामले में सुबोध शर्मा की पत्नी दीपा शर्मा ने थाने में पूर्व विधायक अशोक राणा व ब्लाक प्रमुख भांजे उदित नारायण सहित सात लोगों को नामजद करते हुए रिपोर्ट कायम कराई थी। अब पुलिस ने पुराने मामलों के आधार पर गैंगेस्टर की कार्रवाई की है। पुलिस में दर्ज कराई रिपोर्ट में अशोक राणा व उदित नारायण सहित राजवीर गहलौत शेरकोट, राजवीर सिंह, जयवीर सिंह, सुमित चौहान, अशरफ उर्फ लंगड़ा शामिल हैं। पुलिस ने रिपोर्ट कायम कर कार्रवाई शुरू कर दी है।