बिजनौर। गैंगेस्टर एक्ट में निरुद्घ पूर्व विधायक अशोक राणा की जमानत हाईकोर्ट ने स्वीकार कर ली है। गैस एजेंसी प्रोपराइटर स्वामी के अपहरण एवं पुलिस पर जानलेवा हमले के मामले में अशोक राणा की जमानत याचिका पहले ही स्वीकार हो चुकी है। गैंगेस्टर एक्ट सहित सभी मामलों में जमानत स्वीकार हो जाने के बाद दो-तीन दिन में पूर्व विधायक की जेल से रिहाई संभव है।
विदित हो कि धामपुर निवासी दीपा शर्मा ने पांच जून 2012 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि पूर्व विधायक अशोक राणा का भांजा उदित राणा व पप्पन आठ-दस आदमियों के साथ उसके घर आए और उसके पति गैस एजेंसी शेरकोट के प्रोपराइटर सुबोध शर्मा का अपहरण कर ले गए। अपहरण की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद आरोप है कि जब पुलिस सुबोध शर्मा को बरामद करने के लिए पूर्व विधायक अशोक राणा के घर पहुंची तो वहां पूर्व विधायकों के समर्थकों ने पुलिस बल पर हमला किया। इस मामले में पुलिस ने पूर्व विधायक अशोक राणा व उनके समर्थकों के विरुद्ध पुलिस पर जानलेवा हमले व गैस एजेंसी स्वामी के अपहरण के दो अलग-अलग मामले दर्ज किए। पुलिस पर जानलेवा हमले व अपहरण के मामले में हाईकोर्ट से जमानत मिल जाने के बावजूद पूर्व विधायक व उनके सात साथियों पर गैंगस्टर एक्ट लगा दिए जाने के कारण ये लोग जेल से रिहा नहीं हो पाए। शुक्रवार को हाईकोर्ट ने पूर्व विधायक अशोक राणा व उनके ड्राइवर राजवीर सिंह की जमानत स्वीकार कर ली है।