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पार्टी के पदों पर सोशल इंजीनियरिंग की कवायद में लगी भाजपा

Bijnor Updated Thu, 18 Oct 2012 12:00 PM IST
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बिजनौर। लोकसभा चुनाव के मद्देनजर सभी बिरादरी के मतदाताओं को पार्टी से जोड़ने की गरज से भाजपा संगठन के भीतर सोशल इंजीनियरिंग करने की कवायद में जुट गई है। माना जा रहा है कि जिलास्तर पर पार्टी में महत्वपूर्ण पदों की कमान ऐसी बिरादरी के लोगों को सौंपी जाएगी, जिन्हें लोकसभा, विस व निकाय चुनाव में दो-दो हाथ करने का मौका नहीं दिया गया।
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जिलाध्यक्ष की दौड़ में वैसे तो कई नेता हैं और मंडल के चुनाव को लेकर भी सरगर्मी तेज है, लेकिन इस बार पार्टी कवायद में जुटी हैं कि आम सहमति पर पदाधिकारियों का चुनाव किया जाए, जिससे पार्टी कार्यकर्ताओं में गुटबंदी से बचा जा सके। पार्टी के वरिष्ठ नेता जिलाध्यक्ष के दावेदारों को मनाने में लगे हुए हैं। पार्टी सूत्रों के मुताबिक इस बार पार्टी में महत्वपूर्ण पदों पर सोशल इंजीनियरिंग का इस्तेमाल किया जाएगा। विस व निकाय चुनाव में चुनाव लड़ने का मौका नहीं मिलने से कई बिरादरी के नेताओं में असंतोष का भाव है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का मानना है कि गत चुनावों में टिकट नहीं मिलने से पार्टी नेताओं के अंदर पनप रहे असंतोष को खत्म करने के लिए उन्हें पार्टी में महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्त किए जा सकता है। पार्टी नेताओं के अनुसार जिले में गत विधानसभा चुनाव में दो सीटोें पर जाट बिरादरी, तीन सीटों पर चौहान बिरादरी, एक सीट पर वैश्य बिरादरी, दो सीटोें पर दलित वर्ग के नेताओं को चुनाव लड़ाया गया था। इसी तरह से निकाय चुनाव में भी पांच सीटों पर वैश्य, एक पर चौहान, एक सीट पर जाट, एक पर सैनी, एक सीट पर धीमान को चुनाव लड़ाया गया था। इस चुनाव में भी कई बिरादरी के नेता चुनाव लड़ने से वंचित रह गए थे। इन नेताओं को अब पार्टी में पद देकर प्रसन्न करने की कवायद की जा रही है। हालांकि कुछ नेता चुनाव कराने की जुगत में भी लगे हुए हैं।
भाजपा के वेस्ट यूपी संयोजक भूपेंद्र सिंह का कहना है कि पार्टी सभी बिरादरी के नेताओं को संगठन में पद देकर संतुष्ट करने कोशिश करेगी। जिलाध्यक्ष के लिए चुनाव की प्रक्रिया होगी। अगर सहमति बनती है तो निर्विरोध जिलाध्यक्ष चुन लिया जाएगा।
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