धामपुर। आखिर है क्या ‘बालवाड़ी’? इस योजनाके संबंध में न तो अधिकारी बता पा रहे हैं और न ही उनको पता है जो इसकी खातिर ठगी का शिकार हो रहे हैं। कई लोग नौकरी पाने के लिए 25 से 30 हजार रुपये गिरोह के हाथ में पकड़ा चुके हैं। बालवाड़ी योजना के नाम पर गिरोह जिले के छह से अधिक लोगाें को शिकार बना चुका है।
‘बालवाड़ी योजना’ में नौकरी दिलाने के नाम पर क्षेत्र में धड़ल्ले से ठगी का खेल चल रहा है। इस योजना के बारे में प्रशासन को कोई खबर नहीं है। एक गिरोह कई लोगों से आंगनबाड़ी योजना की तर्ज पर हर ग्राम पंचायत में सरकारी नौकरी दिलाने के लिए 25 से 30 हजार रुपये ठग चुका है। ये ठग गांव-गांव जाकर ऐसे लोगों को तलाश रहे हैं जो उनके झांसे में जल्द आ जाएं। बेरोजगारों को सरकारी नौकरी दिलाने का सपना दिखाकर मोटी रकम वसूली जा रही है। साथ ही ज्वाइनिंग लेटर और अन्य दस्तावेज भी दिए जा रहे हैं।
अफजलगढ़ ब्लाक के गांव भगतावाला निवासी रामोतार व नहटौर ब्लाक के गांव चाकरपुर निवासी सुभाष अपनी पत्नी तारावती की पोस्टिंग के लिए 25 हजार रुपये देकर ठगी का शिकार हो चुके हैं। चांदपुर ब्लाक के गांव जोगीपुरा निवासी रूबी ने अपना सेंटर भी खोल है जो रोजाना बच्चाें की पढ़ाई कराती हैं। ठगों से इन्हें बच्चों की पढ़ाई के लिए कुछ सामान भी प्राप्त हो गया है।
पाठ्य सामग्री की मिलती है किट
इस योजना को पूरी तरह से जिले में पुख्ता करने के लिए ठग केंद्र प्रभारी को बच्चों की पढ़ाई लिखाई के लिए सामान की किट भेजते हैं। इनमें पेंसिल, कॉफी, किताब, पेंटिग्स कलर भी शामिल होते हैं।
ऐसी कोई योजना नहीं है : डीएम
डीएम डा. सारिका मोहन का कहना है कि उनके पास ऐसी किसी योजना का शासनादेश नहीं है। जो लोग नौकरी के झांसे में आकर ठगों का शिकार हो रहे हैं उन्हें इसकी तत्काल सूचना देनी चाहिए। यदि वे इसकी सूचना उन्हें दें तो गिरोह की भंडाफोड़ आसानी से हो जाएगा।