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आम बजट : सबको चाहिए महंगाई से छुटकारा

Bijnor Updated Thu, 28 Feb 2013 05:30 AM IST
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बिजनौर। केंद्रीय वित्त मंत्री पी चिदंबरम आज आम बजट पेश करेंगे। सभी वर्गों की नजर आम बजट पर है। बजट से गृहिणियों को महंगाई पर नियंत्रण, किसानाें को सस्ते खाद, कृषि यंत्र व बीज की उम्मीद है, तो व्यापारियों को कर में छूट की आस है। छात्रों को भी कोचिंग, मोबाइल व कपड़ों पर महंगाई रुकने की दरकार है।
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केंद्र सरकार ने बीच सत्र में एफडीआई लागू कर व्यापारियों को जोर का झटका दिया है। तभी से वे इसे वापस लेने की मांग कर रहे हैं।
व्यापारी नेता मनोज कुच्छल के अनुसार आम बजट में एफडीआई तुरंत वापस हो। सीमा कर, एक्साइज ड्यूटी, सेल टैक्स आदि में कमी कर व्यापारियों को राहत दिलाई जाए। युवा व्यापारी मानव सचदेवा कहते हैं सरकार को इनकम टैक्स की सीमा बढ़ानी चाहिए। अमेरिका की तरह भारत के व्यापारियों से भी एक ही टैक्स लिया जाना चाहिए। करों में छूट दी जानी चाहिए। व्यापारी सुशील जिंदल कहते हैं कि जिन व्यापारियों की बिक्री पंद्रह लाख रुपये से कम है, उनके बच्चों को सरकार द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में स्कॉलरशिप दी जाए। व्यापारियों के खाद्य विभाग में लाइसेंस एवं रजिस्ट्रेशन शुल्क को घटना चाहिए। पिछले कुछ समय में लाइसेंस शुल्क बीस गुने से भी अधिक बढ़ा दिया गया है।
गृहिणी मंजू त्यागी कहती हैं कि बजट ऐसा हो, जो सबके बटुए में आ सके। महंगाई पर नियंत्रण कर सके। आम आदमी महंगाई से त्रस्त है।
शबनम परवीन कहती है कि गैस के दामों में बढ़ोतरी नहीं होनी चाहिए। गैस के दाम पहले ही बढ़ चुके हैं। राशन, रसोई सामग्री सस्ती हो।
प्रवक्ता डा. सविता मिश्रा का कहना है कि रसोई व आमजन की जरूरत वाली चीजें सस्ती होनी चाहिए। टैक्स में छूट मिले और उच्च शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने को भी कदम उठाए जाने चाहिए।
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किसान नेता रामअवतार सिंह का कहना है कि खाद, बीज, कृषि यंत्रों पर सब्सिडी बढ़े। किसानों को डीजल व बिजली पर अलग से अधिक सब्सिडी दी जाए। किसानों के लिए किसान आयेाग का गठन करने की घोषणा बजट में हो।
किसान मूला सिंह का कहना है कि बजट से किसानों इस बार बहुत आस है। केंद्र सरकार को कृषि क्षेत्र में बजट बढ़ाना चाहिए।
छात्रा नीटू ने कहा कपड़े, मोबाइल, लैपटॉप व कोचिंग आदि पर महंगाई रोकी जाए। शुल्क प्रतिपूर्ति का बजट भी बढ़ाया जाए, जिससे छात्र छात्राओं को राहत मिल सके।
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