चांदपुर। गांव वीरोपुर में हुई राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन की पंचायत में राष्ट्रीय अध्यक्ष बीएम सिंह ने मध्य गंगा नहर के लिए किसानों को अपनी जमीनों का बैनामा न करने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि किसानों को हक पाने के लिए संगठित होना पड़ेगा। 2014 के चुनाव में सरकार के साथ किसान संबंधी तालमेल नहीं बना तो 2017 के चुनाव में अपनी पार्टी बनाकर चुनाव लड़ेंगे। सभा में बीएम को सीएम बनाने की आवाज उठी।
पंचायत में किसानों से खुद को बदलने का आह्वान करते हुए कहा कि 2017 की सरकार किसानों की होगी। अभी भी किसानों ने खुद को नहीं बदला तो उनकी नस्ल ही खत्म हो जाएगी। किसान का बालक खेती करने को तैयार नहीं है। आजादी की लड़ाई के समय भी किसान उत्तम था। उन्हाेंने कहा कि चीनी मिलों को बंद मत होने दो। मिल बंद हो रही थीं, मालिक चलाना नहीं चाहता था। कोर्ट में याचिका डाली, कोर्ट के डंडे से शुगर मिल आननफानन में चलीं। मिल बंद होने से कोल्हू चालकों ने किसान का गन्ना 80-85 रुपये प्रति क्विंटल के रेट में लिया। उनके प्रयास से ही 7472 करोड़ का बकाया मात्र 400-500 करोड़ रह गया है।
उन्होंने कहा कि यह चुनाव का साल है, हर पार्टी वोट मांग रही है। अगले साल कोई चुनाव नहीं है। सरकार किसान को ब्याज देकर खैरात बांटने की बात कर रही है। ब्याज किसानों का हक है। 2012 का ही ब्याज 584 करोड़ रुपये है। छोटे किसानों में गुंजाइश नहीं है इसलिए वे सस्ता गन्ना बेच देते हैं। ब्याज मिलने के बाद छोटे किसानों में भी गुंजाइश होगी। दलालों का काम खत्म होगा। 15 दिन में भुगतान होने पर छोटे किसान भी मजबूत होगा। उन्होंने कहा कि मुकदमे में किसी से कोई पैसा उन्होंने नहीं लिया है। रंगराजन रिपोर्ट पर राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि यदि यह रिपोर्ट पास हो जाती तो किसान बर्बाद हो जाता। वे किसानों की भूमि का अधिग्रहण कराएंगे। अधिग्रहण कानून बना है, इसमें किसानों को 40-50 लाख रुपये एकड़ का रेट मिलेगा। किसानों को अपनी जमीन पर खेती करते रहने का आह्वान किया। मो. यामीन की अध्यक्षता व पिंटू यादव के संचालन में हुई पंचायत में चौधरी उपेंद्र सिंह, रामवीर सिंह, कैलाश लांबा, मेजर डॉ. हिमांशु, हरि सिंह चौहान, रामदुलारी, हरगुलाल, शमीम अहमद, वेद प्रकाश, विनोद कुमार, सुरेंद्र सिंह, राजवीर सिंह, अशरफ अली आदि ने संबोधित किया।