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दफ्तर में तोड़फोड़, बिजलीकर्मी को पीटा

Bijnor Updated Tue, 10 Jun 2014 05:32 AM IST
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अफजलगढ़। अघोषित विद्युत कटौती से आजिज बिड़ला फार्म के कर्मचारियों ने विद्युत उपकेंद्र पर जमकर तांडव मचाया। हुड़दंगियों ने एक संविदाकर्मी को मारपीट कर अधमरा कर दिया, जबकि दफ्तर में घुसकर कुर्सियां बेंचें तोड़ डालीं और दस्तावेज बाहर फेंक दिए। हवा में लाठी-डंडे लहराते देख निगम कर्मचारी दफ्तर छोड़ भाग खड़े हुए। विद्युत निगम हुड़दंगियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की कार्रवाई कर रहा है।
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भीषण गर्मी और ऊपर से बिजली कटौती से बेहाल बिड़ला फार्म के कर्मचारियों का गुस्सा फूट पड़ा। रविवार को उन्होंने विद्युत उपकेंद्र पर धावा बोल दिया और जमकर उत्पात मचाया। विरोध करने पर संविदा कर्मचारी पवन को मारपीटकर अधमरा कर दिया। कर्मचारियों ने चेताया यदि विद्युत नहीं मिली तो उपकेंद्र आग के हवाले कर दिया जाएगा। तीन चार घंटे ही आपूर्ति मिलती है। भिक्कावाला फीडर से भी लाइन को जोड़ने की कवायद अधर में लटकी है। साउथ फीडर पर अधिकांश समय बिजली गुल रहती है। उधर, तोड़फोड़ की सूचना से निगम अफसरों में हड़कंप मच गया। एक्सईएन ने मौके पर पहुंचकर घटना का जायजा लिया, लेकिन तब तक फार्म के कर्मचारी ट्रालियां भरकर फरार हो गए। हंगामा करने वालों में तेजपाल सिंह, ब्रह्मानंद, कल्लू, काशीराम आदि रहे।
निगम कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन
गुस्साए निगम कर्मचारियों ने हुड़दंगियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर जमकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि या तो विद्युत आपूर्ति में सुधार किया जाए। वरना वो ऐसी स्थिति में नहीं हैं कि आए दिन मारपीट खाते फिरते रहे। प्रदर्शनकारियों में भजन सिंह, दयाराम, चंदन सिंह, अकबर अहमद, सतेंद्र कुमार, ईश्वरीनाथ, सुरेन्द्र कुमार, प्रताप, सुरेश, लोकेन्द्र व इस्लामुद्दीन आदि शामिल रहे।
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जांच कर होगी कार्रवाई : एक्सईएन
एक्सईएन ओमपाल सिंह का कहना है कि मामले में हुड़दंगियों की शिनाख्त चल रही है। आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई को रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।

बिजलीघर पर ताला जड़ा, जेई को धूप में बैठाया
फोटो
हीमपुरदीपा। बिजली कटौती से आक्रोशित एक दर्जन गांवों के किसानों ने उलेढ़ा विद्युत उपकेंद्र पर प्रदर्शन करते हुए ताला लगा दिया व चांदपुर-बिजनौर मार्ग पर धरना देकर बैठ गए। किसानों ने आश्वासन देने पहुंचे जेई को बंधक बनाकर धूप में बैठा लिया।
उलेढ़ा विद्युत उपकेंद्र से रविवार सुबह गांव उलेढ़ा झाल, मुकरपुर गुर्जर, फतेहपुर, रतनपुर खुर्द, हीमपुरदीपा, जोगी औंधा, रावटी, अजुपुरा, मिर्जापुर, सदुपुरा, मुढ़ाल, छाछरीटीप आदि गांवों को विद्युत आपूर्ति की जाती है। कटौती से परेशान इन गांवों के किसान रविवार को उपकेंद्र पर एकत्र होने लगे और चांदपुर-बिजनौर मार्ग पर धरना देकर बैठ गए। किसानों का कहना था कि नाम मात्र की बिजली मिलने से फसलें सूख रही हैं। किसानों ने आश्वासन देने पहुंचे जेई राम आशीष यादव व थाना प्रभारी निरीक्षक श्याम सिंह नेगी को भी अनसुना कर दिया और जेई को धूप में बैठा लिया। किसानों ने जेई के सामने नियमित डबल ग्रुप में 12 घंटे बिजली देने, लो वोल्टेज व ट्रिपिंग से निजात दिलाने की मांग की। जेई ने किसानों की उच्च अधिकारियों से फोन पर बात कराई व तीन दिन में डबल ग्रुप में विद्युत आपूर्ति करने का आश्वासन दिया, इसके बाद ही किसानों ने धरना समाप्त किया। इस दौरान भारतीय किसान संघ के विभाग संयोजक सुक्रमपाल सिंह, शिव कुमार, मनीराम, ईश्वर सिंह, जसवंत, ओमपाल सिंह, अजीत सिंह, दुष्यंत, ऋषिपाल सिंह, सीताराम, यशपाल सिंह, डॉ.नरेश कुमार, प्रमोद कुमार, भोले, आदेश कुमार आदि मौजूद रहे।
झालू बिजलीघर पर किसानों ने बोला धावा
बिजनौर। गंगोड़ा क्षेत्र में अंधाधुंध कटौती से परेशान तेजपाल सिंह, विक्की, संजीव चौधरी, राजेंद्र सिंह, कामेंद्रग सिंह, मुनेंद्र सिंह, सुमित, अंकित, छोटू, पिंकू, सूरज, धर्मपाल आदि किसान बिजलीघर पहुंचे और एसएसओ धीर सिंह को बंधक बना लिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने झालू कस्बा समेत क्षेत्र के अन्य फीडरों की आपूर्ति भी बंद कर दी। किसानों का आरोप था कि जेई जानबूझकर उनके हिस्से की बिजली दूसरे क्षेत्र में सप्लाई कर रहे है। बिजली के अभाव में किसान फसलों की सिंचाई नहीं कर पा रहे है। गंगोड़ा क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति सुचारु करने के बाद किसान शांत हुए।
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