बिजनौर। गैर राज्य के 710 छात्रों के नाम पर 5.92 करोड़ रुपये के शुल्क प्रतिपूर्ति घोटाले की विवेचना आर्थिक अपराध अनुसंधान शाखा कर सकती है। इस घोटाले के केस के विवेचक जसपाल सिंह ने एसपी को पत्र लिखकर विवेचना आर्थिक अपराध अनुंसधान शाखा से कराने की सिफारिश की है।
वर्ष 2012-13 के शिक्षा सत्र में जिले से गैर राज्यों में पढ़ने वाले छात्रों के नाम पर 5.92 करोड़ रुपये का शुल्क प्रतिपूर्ति का घोटाला हुआ था। पांच दिन पूर्व जिला समाज कल्याण अधिकारी अजय कुमार गोस्वामी ने शहर कोतवाली में उत्तराखंड की सात शिक्षण संस्थाओं के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस केस की विवेचना शहर कोतवाली के एसएसआई जसपाल सिंह कर रहे हैं, जबकि 50 लाख से ज्यादा के घोटाले की विवेचना करने का एसआई को अधिकार नहीं है। 5.92 करोड़ के घोटाले की विवेचना कोई बड़ा अधिकारी या आर्थिक अनुसंधान शाखा कर सकती है। केस के विवेचक जसपाल सिंह ने विवेचना आर्थिक अनुसंधान शाखा से कराने के लिए एसपी सतेंद्र कुमार सिंह को पत्र लिखा है।