बिजनौर। मूल्य वृद्धि नहीं होने पर जिले में गन्ने को लेकर गदर मच गया। भाकियू ने जिले भर में चक्का जाम किया। दिल्ली पौड़ी हाईवे समेत करीब 70 जगहों पर सड़कें जाम की र्गइं। कई जगहों पर गन्ने की होली जलाई गई। हल्दौर क्षेत्र में मुख्यमंत्री का पुतला फूंका गया। राज्यपाल और मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन प्रशासनिक अफसरों को सौंपे गए। किसानों ने प्रदेश और केंद्र सरकार विरोधी नारे लगाए।
बिजनौर नगर में भाकियू ने बैराज कॉलोनी पर रिंग रोड के पास दो घंटे तक दिल्ली पौड़ी हाईवे जाम कर धरना दिया। डा. वीरेंद्र सिंह ने प्रदेश सरकार को किसान विरोधी बताया। भाकियू जिलाध्यक्ष रामऔतार सिंह ने गन्ना मूल्य को नाकाफी बताते हुए 350 रुपये प्रति क्विंटल की मांग की और 23 नवंबर तक शुगर मिलों का संचालन नहीं होने पर डीएम की कोठी में गन्ना भरने की चेतावनी दी। भाकियू ने करीब एक बजे मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन मौके पर पहुंची एसडीएम अंजूलता को सौंपा और धरना खत्म करने का ऐलान किया। अध्यक्षता रामऔतार सिंह व संचालन जिला महासचिव दिगंबर सिंह ने किया। विजयपाल सिंह, धीर सिंह बालियान, रामपाल सिंह, जितेंद्र पहलवान, देवेंद्र आर्य, रामकुमार धनकड़, राजीव कुमार, सुरेश राठी, तेजपाल सिंह, टीनू, कल्याण सिंह, राजेंद्र सिंह, रमेश आदि रहे। उधर, भाकियू युवा नगीना रोड पर रशीदपुर गढ़ी चौक पर युवा भाकियू जिलाध्यक्ष लाल सिंह, प्रदेश महासचिव राजेंद्र सिंह के नेतृत्व चक्कर रोड जाम की गई। बिजनौर नगीना मार्ग पूरी तरह से बंद रहा। यहां पर सुबह ग्यारह बजे से दुपहर सवा दो बजे तक चक्का जाम रहा। एक बजे तक चक्का जाम किया जाना था, लेकिन ज्ञापन लेने के लिए कोई प्रशासनिक अधिकारी नहीं पहुंचने पर आक्रोशित किसानों ने निर्धारित समय से ज्यादा समय तक जाम लगाया। बाद में एसडीएम अंजूलता ने मौके पर पहुंचकर राज्यपाल को संबोधित एक ज्ञापन किसानों से लिया। अध्यक्षता प्रदेश महासचिव राजेंद्र सिंह, संचालन जिला महासचिव बिरेंद्र सिंह ने किया। किसानों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी किसानों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। ओमपाल सिंह, सुनील कुमार, पुष्पराज, परवीन सिंह, दीपक कुमार, अर्जुन सिंह, नीरू पहलवान, निपेंद्र देशवाल, महावीर सिंह, जय सिंह, नीरज, संजीव, वेदपाल आदि रहे।