बिजनौर में इत्तेहादे मिल्लत कौंसिल के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना तौकीर रजा खां ने कहा कि पेद्दा में हुई घटना आरएसएस की सोची समझी साजिश के तहत हुई है। संघ इस तरह की साजिश रचकर मुल्क को नुकसान पहुंचा रहा है। उन्होंने कहा कि मुजफ्फरनगर दंगे के दोषियों को सजा मिल गई होती तो पेद्दा में यह घटना न होती। उन्होंने कहा कि पीड़ितों को मुआवजा देना दंगों का हल नहीं है। हुकूमत किसी को भी मुआवजा अपनी जेब से नहीं देती।
रविवार को मौलाना तौकीर रजा खां गांव पेद्दा जाने के लिए बिजनौर डाक बंगले पहुंचे। वहां पत्रकारों से वार्ता करते हुए तौकीर रजा खां ने कहा कि जिन लोगों ने मुजफ्फरनगर बर्बाद किया है, उन लोगों ने ही गांव पेद्दा में तबाही मचाई है। उन्होंने कहा कि पेद्दा के दोषियों को अगर सजा नहीं दी गई तो और न जाने कितनी पेद्दा जैसी घटनाएं होंगी। उन्होंने कहा कि माहौल खराब करने के लिए आरएसएस नौजवानों को उकसाकर उनका इस्तेमाल कर रहा है। उन्होंने कहा कि वेस्ट यूपी में जाट-मुस्लिमों के बीच जो यह हो रहा है, उससे जाटों को खुश होने की जरूरत नहीं है। मुसलमानों पर जुल्म करके जाट खुद अपना ही नुकसान कर रहे हैं। वेस्ट यूपी में जाट और मुस्लिमों के इत्तेहाद से ही खुशहाली रहती है।
अगर ये इत्तेहाद खत्म हुआ तो वेस्ट यूपी पूरी तरह बर्बाद हो जाएगा। उन्होंने कहा कि पीड़ितों को मुआवजा देना दंगों का हल नहीं है। हुकूमत किसी को भी मुआवजा अपनी जेब से नहीं देती। कहा कि मुआवजा दोषियों की जमीन और मकान कुर्क करके देना चाहिए। पेद्दा की घटना के मामले में भी इसी तरह मुआवजा दिया जाए। उन्होंने पेद्दा के मृतकों के परिजनों को एक-एक करोड़ व घायलों को 25-25 लाख का मुआवजा दिलाने की मांग की। तौकीर रजा खां ने कहा कि भाजपा व सपा ने मिलकर मुजफ्फरनगर दंगा कराकर नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री बनवा दिया। मुस्लिम अब चौकस हैं।
उन्होंने कहा कि मुलायम सिंह का कुनबा तो आपस में ही लड़ रहा है। इस पूरे कुनबे को राजनीति से सन्यास ले लेना चाहिए। सरकार चलाना अब इसके बस में नहीं है।