बरेली रेंज के डीआईजी आरकेएस राठौर ने शनिवार को अलापुर थाने का मुआयना किया। निरीक्षण के दौरान उनको सब कुछ ठीकठाक मिला। मगर वह हैरान तब रह गए जब कई पुलिस कर्मी एसपी सिटी का नाम नहीं बता पाए। यही नहीं थाना क्षेत्र के चौकीदार भी अपने थानेदार का नाम नहीं बता सके। इस पर डीआईजी ने नाराजगी जताई। थाने के निरीक्षण के बाद वह पुलिसकर्मियों के आवासों का भी निरीक्षण किए। इस दौरान उन्होंने अच्छा काम करने वाले पुलिस वालों को पुरस्कृत भी किया। डीआईजी आत्माराम डिग्री कॉलेज में आयोजित एक कार्यक्रम में भी शामिल हुए।
बदायूं में पुलिस लाइंस का निरीक्षण करने के बाद डीआईजी दोपहर करीब दो बजे अलापुर थाने पहुंचे। वहां एसएसपी संतोष कुमार सिंह, एसपी सिटी लल्लन सिंह, सीओ सतेंद्र त्यागी और एसओ जीत सिंह ने उनका स्वागत किया। उन्होंने पुलिस कर्मियों से उनकी बीटों के बारे में जानकारी ली। इस दौरान बातचीत में कई पुलिसकर्मी एसपी सिटी का नाम नहीं बता सके। इस पर उन्होंने नाराजगी जताई। उन्होंने बीट रजिस्टर चेक किया और शस्त्रों का रखरखाव देखा। गांवों से आए चौकीदारों से भी डीआईजी ने बात की।
इसके बाद वह आत्माराम डिग्री कॉलेज पहुंचे। वहां कार्यक्रम में शामिल होने के बाद पौधरोपण किया। इस मौके पर सुवराज सिंह, प्यारे सिंह शिशु, मनमोहन तिवारी, भूराज सिंह, आनंद कुमार, डॉ. मनीराम मिश्रा, डॉ. पंकज किशोर शुक्ला, डॉ. आलोक मिश्रा, डॉ. संजीव गुप्ता, डॉ. मुकेश सिंह, आनंद कुमार मिश्रा, बृजमोहन तिवारी, आरती गौड, रविंद्र कुमार आदि रहे।
तीन सिपाही, आधा दर्जन चौकीदार पुरस्कृत
डीआईजी आरकेएस राठौर ने अलापुर थाने के सिपाही यादवेंद्र सिंह, रामपाल और आरिफ को नकद पुरस्कार दिया। इसके अलावा करीब आधा दर्जन चौकीदारों को भी पुरस्कृत किया।
पुलिस लाइंस में मिला सब ओके
बदायूं। अलापुर थाने से पहले डीआईजी आरकेएस राठौर ने पुलिस लाइंस का निरीक्षण किया। यहां उनको सब कुछ ठीक मिला। डीआईजी ने अभिलेखों और शस्त्रों का रखरखाव देखा। आरआई लाइन सुरेश बाबू यादव ने उनको कामकाज के बारे में बताया। डीआईजी ने अधिकारियों के साथ बैठक कर कानून व्यवस्था में सुधार लाने के लिए जरूरी निर्देश भी दिए।