यातायात माह में ट्रैफिक व्यवस्था के विभिन्न रूप रंग शहर की सड़कों पर नजर आए। यातायात माह की हकीकत को देखने के 'अमर उजालाÓ टीम ने शहर के दो चौराहों पर देखा तो हालात बदहाल नजर आए। ऐसा तब है जबकि यातायात माह का शुभारंभ 05 नवंबर को डीएम ने जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर किया था। रैली में शामिल छात्र-छात्राओं ने लोगों को ट्रैफिक नियमों का पालन करने के लिए जागरूक किया था। वहीं, यातायात व्यवस्था में लगे अधिकारियों कर्मचारियों ने ट्रैफिक रूल्स फॉलो कराने के बारे में बताया था, लेकिन यातायात माह के दूसरे दिन यानि कि शनिवार को हर तिराहे चौराहे पर ट्रैफिक नियमों की धज्जियां उड़ी नजर आईं। यह सब जानने के लिए दो चौराहों की लाइव खबर।
बाइक पर सवार, पूरा परिवार
शहर के इंदिरा चौक पर रविवार को अजीब नजारा नजर आया। एक ओर जहां बाइक सवारों को हेल्मेट पहनने और दो सवारियों को बैठाने के निर्देश दिए जाते हैं। हेल्मेट पहनना तो दूर की बात एक व्यक्ति बाइक पर तीन बच्चों और एक वृद्ध को बिठाकर ले जा रहा था। चौराहा पर कुर्सी डालकर आराम करने में व्यस्त ट्रैफिक पुलिस ने उसे रोकने की जहमत नहीं उठाई।
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डग्गामार वाहन पर लटके यात्री
शहर के व्यस्त रहने वाले पुलिस लाइंस चौराहा हमेशा ट्रैफिक पुलिस और होमगार्ड तैनात रहते हैं। इसके बाद भी वहां पर डग्गामार वाहन सवारियां भरते हैं। यही नहीं तमाम डग्गामार वाहन तो ट्रैफिक पुलिस के सामने ही सवारियों को लटकाकर ले जाते हैं, लेकिन वसूली करने वाली ट्रैफिक पुलिस उन लोगों को रोकने में असमर्थ नजर आती है। यह बयां करने के लिए यह फोटो एकदम सटीक नजर आता है।