कमालपुर (चंदौली)। धीना थानाक्षेत्र के करजरा गांव में पांच वर्षीय मासूम कार्तिक सिंह की हत्या के मामले में पुलिस जांच के दौरान एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। पुलिस की शुरुआती जांच के अनुसार मासूम की हत्या उसके ही नाबालिग फुफेरे भाई ने की। बताया जा रहा है कि पैसों के लेन-देन के मामले में डांट पड़ने और कथित बेइज्जती से नाराज होकर उसने इस वारदात को अंजाम दिया। धीना थानाक्षेत्र के करजरा गांव निवासी कृष्णा सिंह रोजगार के सिलसिले में बाहर रहते हैं। घर पर उनकी पत्नी कंचन देवी, दो बेटियां नीति सिंह (14 वर्ष), रोशनी सिंह (12 वर्ष) और पांच वर्षीय पुत्र कार्तिक रहते थे। परिवार का जीवन सामान्य तरीके से चल रहा था लेकिन रविवार को हुई इस घटना ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। कृष्णा सिंह की चचेरी बहन छाया देवी की शादी आजमगढ़ जिले के एक गांव में हुई है। उनका 17 वर्षीय बेटा लगभग आठ दिन पहले अपने ननिहाल करजरा आया था। परिजनों के अनुसार वह पहले भी अक्सर यहां आता-जाता रहता था और परिवार के सदस्यों के साथ उसका घनिष्ठ संबंध था। इसी दौरान वह फोन पे का पासवर्ड जान गया। मृतक के मामा मोनू सिंह ने बताया कि कुछ दिन पहले परिवार के मोबाइल से फोन पे के जरिये करीब तीन हजार रुपये एक शुभम नामक युवक के खाते में भेजे गए थे। जांच के दौरान पता चला कि यह राशि नाबालिग की ओर से भेजी गई थी। जब परिवार के लोगों को इसकी जानकारी हुई तो उसे फटकार लगाई गई। बाद में उसने पैसे वापस भी कर दिए थे लेकिन इस घटना के बाद वह अंदर ही अंदर नाराज चल रहा था। परिजनों का आरोप है कि डांट पड़ने के बाद उसने गुस्से में अपनी फुफेरी बहन नीति सिंह के साथ भी दुर्व्यवहार किया और उसका गला दबाने की कोशिश की थी। हालांकि उस समय आसपास मौजूद लोगों ने बीच-बचाव कर स्थिति संभाल ली। परिजनों का कहना है कि उस दौरान उसने परिणाम भुगतने की धमकी भी दी थी। घटना वाले दिन रविवार सुबह करीब 10 बजे कार्तिक गांव के पास स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय परिसर के पास अन्य बच्चों के साथ खेल रहा था। मोनू सिंह ने बताया कि इसी दौरान उसका फुफेरा भाई उसे बहला-फुसलाकर स्कूल परिसर के अंदर ले गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या और गंभीर चोट का पता चला है। यानी उसने पहले कार्तिक को मारापीटा गया फिर छाती पर चढ़कर गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। छाती पर भी गंभीर चोट के निशान हैं। वारदात के बाद आरोपी ने खुद को सामान्य दिखाने का प्रयास किया। परिजनों के मुताबिक घटना के बाद वह भी परिवार के लोगों के साथ करीब दो घंटे तक कार्तिक को खोजने का नाटक करता रहा। गांव के लोग अलग-अलग स्थानों पर बच्चे की तलाश कर रहे थे। बाद में जब स्कूल परिसर के अंदर कार्तिक का शव मिला तो आरोपी भी वहां पहुंचा और कथित रूप से उसे उठाकर कहा कि बच्चा मर चुका है। परिजनों को उसके व्यवहार और गतिविधियों पर संदेह हुआ। इसके बाद पुलिस ने उससे पूछताछ शुरू की। पूछताछ में कई ऐसे तथ्य सामने आए, जिसके बाद शक और गहरा हो गया। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। पांच वर्षीय मासूम की मौत से परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। मां कंचन देवी सदमे में हैं और परिजन बार-बार यही कह रहे हैं कि उन्हें विश्वास नहीं हो रहा कि परिवार का ही एक सदस्य ऐसी घटना को अंजाम दे सकता है। एएसपी अनंत चंद्रशेखर ने बताया कि कार्तिक की हत्या उसके रिश्तेदार में नाबालिग भाई ने की है। उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। मामले के हर पहलू की गंभीरता से जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि जल्द ही पूरे मामले का विधिवत खुलासा किया जाएगा।