कोहरे की वजह से पारा मंगलवार की अपेक्षा कुछ ऊपर रहा जिससे ठंड का असर कुछ कम दिखा लेकिन गलन के कारण शाम होते ही ठंड ने सभी को घरों में कैद करा दिया। ठंड से बुधवार की भोर में एक महिला की मौत हो गई। वह सुबह मवेशियों को चारा डालने गई थी। पर्याप्त अलाव न जलने के कारण समूचे जनपद में लोग ठिठुरते नजर आए।
दिन में धूप खिली तो लोगों ने राहत महसूस की लेकिन शाम होते ही ठंड के तेवर से लोग काफी परेशान दिखे। जरूरत होने पर लोग गर्म कपड़े पहनकर ही घरों से निकले। चट्टी चौराहों पर भी सन्नाटा पसरा रहा। जनपद में बुधवार को पारा अधिकतम 24 और न्यूनतम 12 डिग्री सेल्सियस रहा।
ठंड और गलन के असर से लोग बुधवार को भी घरों में दुबकने को मजबूर रहे। बुधवार की सुबह चहनियां क्षेत्र के खंडवारी गांव की सोमरा देवी (65) मवेशियों को चारा डालने निकली। इसी बीच उसे ठंड लगने से पेट में दर्द शुरू हुआ। परिवार के लोग उसे लेकर निजी चिकित्सालय पहुंचे जहां जांच के पश्चात चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया। दिन में धूप के बावजूद शरीर को गर्म रखने के लिए लोग स्वेटर, मफलर और जैकेट पहनकर बाहर निकले। सर्वाधिक दिक्कत गांवों से आए रिक्शा, ऑटो , ट्रॉली चालकों को हुई जो कड़ाके की ठंड से बेजार दिखे। राहत देने के लिए नगर पालिका प्रशासन द्वारा जलाए जा रहे अलाव भी लोगों को अब कम पड़ने लगे हैं। नगर पालिका अध्यक्ष रेखा जायसवाल ने बताया कि बुधवार को 25 स्थानों को चिह्नित कर अलाव जलवाया जा रहा है।
हालांकि गरीब तबके समेत सभी महत्वपूर्ण स्थलों पर अलाव जल रहे हैं। कंदवा संवाददाता के अनुसार दिसंबर माह में ही ठंड में काफी इजाफा हो गया है। एक पखवारे से लोग गलन व ठिठुरन बढने से शाम होते ही अपने अपने घरों में घुसे जा रहे हैं।
चट्टी चौराहे भी जल्द ही सुनसान हो जा रहे हैं। समाजसेवी संस्थाएं भी अब तक चुपचाप बैठी हुई हैं। धीना, कमालपुर, चहनियां, दुलहीपुर, नियामताबाद, बबुरी, शहाबगंज, इलिया, नौगढ़, टांडाकला, पड़ाव, सैयदराजा समेत समूचे जनपद में ठंड का यही हाल रहा।