चकिया में जुलूस निकालते भारत की कम्युनिस्ट पार्टी के कार्यकर्ता। संवाद
चकिया। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी नेताओं ने बिजली उपभोक्ताओं के साथ चकिया बिजली उपकेंद्र पर प्रदर्शन किया। बाद में मुख्य मंत्री को संबोधित बिजली दरों में 10 प्रतिशत वृद्धि को वापस लेने, अनियमित कटौती बंद करने सहित 13 सूत्री मांग पत्र एसडीएम और विद्युत निगम के एसडीएम को सौंपा। इसके पूर्व भाकपा नेताओं ने हाथों में बैनर लेकर नगर में जुलूस निकाला। क्षेत्र भ्रमण करते हुए चकिया बिजली उपकेंद्र पर पहुंचे। यहां प्रदेश सरकार और बिजली विभाग के खिलाफ नारेबाजी की। इस मौके पर हुई सभा में भाकपा नेताओं ने उत्तर प्रदेश में बिजली दरों में 10 प्रतिशत वृद्धि वापस करने, बिजली कटौती बंद कर सरकार की योजना के अनुसार 24 घंटे बिजली देने, दक्षिणांचल और पूर्वांचल विद्युत निगम का निजीकरण वापस कर निजीकरण की प्रक्रिया रद्द करने, बिजली संशोधन बिल 2025 केंद्र सरकार द्वारा वापस लेने की मांग की। इसी तरह उपभोक्ताओं को 300 यूनिट की बिजली एवं किसानों को ट्यूबवेल के लिए बिना शर्त मुफ्त बिजली देने की मांग की। सभा में लाइन ट्रांसफार्मर मीटर बिलिंग कनेक्शन काटने व जोड़ने का चार्ज न लेने, बिजली उपभोक्ताओं से वसूले गए टैक्स का 31725 करोड़ रूपया बिजली विभाग पर जमा है उसे बिलों में समायोजित करने, पिछले वर्ष घरों में ट्यूबवेल कनेक्शन पर जबरन बढ़ाए गए लोड वापस लेने की मांग की। सभा बाद ज्ञापन एसडीएम पवन कुमार और बिजली उपकेंद्र पर प्रदर्शन के दौरान एसडीओ संतोष कुमार को मुख्यमंत्री को संबोधित सौंपा। इस अवसर पर जिला मंत्री परमानंद सिंह, लालचंद सिंह, शंभूनाथ सिंह यादव, रामनिवास पांडेय, भृगुनाथ विश्वकर्मा, राजेंद्र यादव, महानंद, लालमनी विश्वकर्मा, नंदलाल आदि मौजूद रहे।